बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची में अनुभवी और सांगठनिक रूप से मजबूत नेताओं को प्राथमिकता दी है।

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने पत्तों को खोलते हुए उम्मीदवारों की पहली सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बिहार, हरियाणा, असम, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों के लिए 9 नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है।

इस सूची में अनुभवी संगठनकर्ताओं, पूर्व सांसदों और क्षेत्रीय दिग्गजों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे पार्टी ने आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है।

​बिहार और हरियाणा: अनुभवी चेहरों पर दांव

​बीजेपी ने बिहार से पार्टी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन को उच्च सदन भेजने का निर्णय लिया है। नितिन नवीन पूर्व में बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। उनके साथ ही बिहार से शिवेश कुमार को भी प्रत्याशी बनाया गया है, जो पार्टी के प्रमुख दलित चेहरा और प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। वहीं, हरियाणा से पूर्व सांसद संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया गया है, जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में करनाल सीट से देश की दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी।

​ओडिशा और पश्चिम बंगाल: रणनीतिक नियुक्तियां

​ओडिशा में बीजेपी ने अपने प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल को राज्यसभा का टिकट दिया है, जिनकी देखरेख में पार्टी ने 2024 के चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। ओडिशा से दूसरे उम्मीदवार सुजीत कुमार हैं, जो हाल ही में बीजू जनता दल का साथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। पश्चिम बंगाल की बात करें तो पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने बंगाल में बीजेपी के जमीनी आधार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

​असम और छत्तीसगढ़: क्षेत्रीय नेतृत्व को सम्मान

​असम से पार्टी ने दो मौजूदा विधायकों को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है, जिनमें दुलियाजान से विधायक तेरस गोवाला और महमारा से विधायक तथा कैबिनेट मंत्री जोगेन मोहन के नाम शामिल हैं। तेरस गोवाला असम के चाय बागान समुदाय के एक प्रभावशाली नेता हैं। छत्तीसगढ़ से पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जो वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। लक्ष्मी वर्मा का चयन पार्टी द्वारा 'मातृशक्ति' को सशक्त करने और राज्य के सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

​सांगठनिक वफादारी और जीत की क्षमता का मिश्रण

​बीजेपी की इस पहली सूची से स्पष्ट है कि पार्टी ने उन नेताओं को पुरस्कृत किया है जिन्होंने संगठन को मजबूत करने में लंबा समय दिया है। सूची में शामिल अधिकांश नाम ऐसे हैं जिन्होंने पिछले चुनावों में या तो खुद बड़ी जीत दर्ज की है या पार्टी की जीत की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। राज्यसभा की कुल 37 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनमें से बीजेपी ने फिलहाल सिर्फ 9 नामों का ही ऐलान किया है, जिससे बाकी सीटों के लिए सस्पेंस बरकरार है।