Motion Sickness: सफर के दौरान मोशन सिकनेस की समस्या बहुत से लोगों में होती है। ऐसे में कुछ टिप्स अपनाकर परेशानी को कम किया जा सकता है।

Motion Sickness: बस, कार या फ्लाइट में बैठते ही अगर चक्कर, उलझन और मिचली शुरू हो जाए तो पूरा सफर बोझिल लगने लगता है। कई लोगों के लिए मोशन सिकनेस सिर्फ हल्की परेशानी नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव है जो ट्रिप का मज़ा ही खराब कर देता है। खासकर बच्चों और महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।

मोशन सिकनेस तब होती है जब आंखों, कानों और शरीर से मिलने वाले संकेत दिमाग तक अलग-अलग तरीके से पहुंचते हैं। यानी शरीर को स्थिर महसूस होता है, लेकिन आंखें चलती हुई चीजें देखती हैं यही असंतुलन मतली और चक्कर का कारण बनता है। हालांकि, कुछ आसान उपाय अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

मोशन सिकनेस क्यों होती है?

हमारे कान के अंदर मौजूद बैलेंस सिस्टम (वेस्टिब्युलर सिस्टम) शरीर की गति को महसूस करता है। जब यह सिस्टम और आंखों से मिलने वाली जानकारी मेल नहीं खाती, तो दिमाग कन्फ्यूज हो जाता है। इसका असर मतली, उल्टी, पसीना और सिरदर्द के रूप में दिखता है। लंबी यात्रा, घुमावदार सड़कें और बंद वाहन इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।

सही सीट का चुनाव करें
कार में आगे की सीट, बस में खिड़की के पास और फ्लाइट में विंग के पास वाली सीट अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती है। यहां बैठने से झटके कम महसूस होते हैं, जिससे चक्कर की संभावना घटती है।

हल्का और संतुलित भोजन करें
सफर से पहले बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी खाना न खाएं। हल्का, सुपाच्य भोजन करें और ज्यादा खाली पेट भी न रहें। अदरक की चाय या नींबू पानी मतली कम करने में मददगार हो सकते हैं।

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नजरें स्थिर रखें
चलती गाड़ी में मोबाइल पढ़ना या किताब पढ़ना मोशन सिकनेस को बढ़ा सकता है। कोशिश करें कि सामने दूर किसी स्थिर बिंदु को देखें या आंखें बंद करके आराम करें।

ताजी हवा और हाइड्रेशन
वाहन में ताजी हवा का इंतजाम रखें। खिड़की खोलें या एयर वेंट अपनी ओर रखें। साथ ही पानी की छोटी-छोटी घूंट लेते रहें, इससे शरीर डिहाइड्रेट नहीं होगा और उलझन कम होगी।

दवाइयों का सहारा
अगर समस्या गंभीर है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर एंटी-नॉशिया या एंटीहिस्टामिन दवाएं ली जा सकती हैं। इन्हें सफर शुरू होने से पहले लेना ज्यादा असरदार होता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दवा लेने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करना चाहिए।

(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)

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