West Asia conflict: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार के रक्षा सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा। शुक्रवार को रक्षा कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और कई बड़े स्टॉक 7 फीसदी तक उछल गए।
लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में रक्षा कंपनियों के शेयरों में तेजी बनी रही। निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से इस सेक्टर के कई प्रमुख स्टॉक मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
इस तेजी में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। इन कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी के चलते अच्छा उछाल दर्ज किया गया।
बाजार में रक्षा कंपनियों की चाल पर नजर रखने वाला निफ्टी डिफेंस इंडेक्स भी मजबूत रहा। यह सूचकांक शुक्रवार के कारोबार के दौरान 3 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में भी यह करीब 2.5 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
अगर अलग-अलग शेयरों की बात करें तो मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयर करीब 6.92 फीसदी तक उछल गए। वहीं गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के शेयरों में भी करीब 6.14 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि मझगांव डॉक का शेयर करीब 9 महीने के बाद इतनी बड़ी तेजी के साथ चढ़ता दिखाई दिया।
रक्षा क्षेत्र को लेकर सरकार भी लगातार जोर दे रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा कि गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स पर खास ध्यान दिया जा रहा है ताकि देश का औद्योगिक ढांचा और मजबूत और भविष्य के लिए तैयार बन सके।
निफ्टी डिफेंस इंडेक्स में शामिल कुल 18 कंपनियों में से 17 के शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। सिर्फ एक कंपनी साइंट डीएलएम का शेयर ही गिरावट में रहा, जबकि बाकी सभी में बढ़त रही।
दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों का ध्यान रक्षा कंपनियों की ओर खींचा है। जब भी वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है तो देशों का फोकस रक्षा तैयारियों पर ज्यादा होता है।
ऐसी स्थिति में मिसाइल, निगरानी प्रणाली, ड्रोन, गोला-बारूद और रडार जैसे रक्षा उपकरणों की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। इसी संभावना को देखते हुए निवेशक रक्षा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ा देते हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है। यही वजह है कि फिलहाल इस सेक्टर के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती दिख रही है।
(प्रियंका कुमारी)










