US-Iran conflict Impact: ईरान युद्ध के चलते नायरा एनर्जी ने भारत में पेट्रोल की कीमतें 5 रुपये बढ़ा दीं और डीजल भी 3 रुपये महंगा कर दिया है। वैश्विक तेल कीमतों में उछाल से आगे और बढ़ोतरी संभव।

US-Iran conflict Impact: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के आम लोगों की जेब पर दिखने लगा। नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये की बढ़ोतरी कर दी। यह फैसला वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल के बाद लिया गया।

दरअसल, ईरान और अमेरिका व इज़राइल के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के चलते इंटरनेशनल तेल बाजार में हलचल मची हुई। फरवरी के अंत से अब तक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी तक उछाल देखा गया। इसी के चलते तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है।

नायरा ने पेट्रोल की कीमतें 5 रुपये बढ़ाईं
नायरा एनर्जी, जो देश में करीब 6967 पेट्रोल पंप चलाती है, ने बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया। हालांकि, राज्य सरकारों के वैल्यू ऐडड टैक्स के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतों में बढ़ोतरी का असर थोड़ा अलग हो सकता। कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

सरकारी तेल कंपनियों ने अबतक नहीं बढ़ाईं कीमतें
ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकारी तेल कंपनियां- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, अब भी सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखे हुए। ये कंपनियां बाजार का करीब 90% हिस्सा संभालती हैं और अप्रैल 2022 से कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।

प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 2 रुपये बढ़ी
हालांकि, इन कंपनियों ने हाल ही में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर और इंडस्ट्रियल डीजल के दाम में करीब 22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल अब 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गया जबकि सामान्य पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। डीजल की कीमत भी 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।

नायरा में रूसी कंपनी रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि निजी कंपनियों को सरकारी कंपनियों की तरह घाटे की भरपाई नहीं मिलती, इसलिए उनके पास कीमत बढ़ाने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचता। नायरा एनर्जी में रूस की कंपनी रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत हाल ही में 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, हालांकि अब यह करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है। भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के जरिए आता है। इस रास्ते में किसी भी रुकावट का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।

कुल मिलाकर, मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।

(प्रियंका कुमारी)