18 February 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 18 फरवरी 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज के दिन फाल्गुन के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो शाम 4 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
आज का सूर्योदय और चंद्र स्थिति
- सूर्योदय – 06:58 एएम
- सूर्यास्त – 06:14 पीएम
- चंद्रोदय – 07:23 एएम
- चंद्रास्त – 07:11 पीएम
तिथि, नक्षत्र और योग
- तिथि – शुक्ल पक्ष प्रतिपदा (04:57 पीएम तक)
- नक्षत्र – शतभिषा (09:16 पीएम तक)
- योग – शिव योग (10:45 पीएम तक)
- करण – बव (04:57 पीएम तक), बालव (19 फरवरी प्रातः 04:31 एएम तक)
संवत और मास विवरण
- शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
- विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
- गुजराती संवत – 2082 (पिङ्गल)
- चंद्र मास – फाल्गुन (पूर्णिमांत और अमांत दोनों परंपराओं के अनुसार)
आज के शुभ मुहूर्त
- विजय मुहूर्त – 02:29 पीएम से 03:14 पीएम
- ब्रह्म मुहूर्त – 05:16 एएम से 06:07 एएम
- निशिता मुहूर्त – 19 फरवरी 12:10 एएम से 01:01 एएम तक
- गोधूलि मुहूर्त – 06:12 पीएम से 06:37 पीएम
- अमृत काल – 02:04 पीएम से 03:40 पीएम
आज के अशुभ मुहूर्त
- दुर्मुहूर्त – 12:13 पीएम से 12:59 पीएम
- राहुकाल – 12:36 पीएम से 02:01 पीएम
- यमगण्ड – 08:22 एएम से 09:47 एएम
- गुलिक काल – 11:11 एएम से 12:36 पीएम
- पंचक – पूरे दिन प्रभावी
पंचक का प्रभाव
पंचक के दौरान लकड़ी से जुड़े कार्य, छत निर्माण, दक्षिण दिशा की यात्रा और मांगलिक संस्कारों से बचने की परंपरा है। यदि कोई आवश्यक कार्य करना हो तो योग्य विद्वान की सलाह लेना उचित रहता है। धार्मिक जप, ध्यान और दान करना इस अवधि में शुभ फल दे सकता है।
आज के लिए सुझाव
- दिन की शुरुआत प्रातः ध्यान या सूर्य नमस्कार से करें।
- शिव योग होने के कारण भगवान शिव का पूजन विशेष लाभकारी रहेगा।
- पंचक के कारण विवाह, गृह प्रवेश या नया व्यापार आरंभ टालें।
- राहुकाल में महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।
- जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी।
18 फरवरी 2026, बुधवार का दिन आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए अनुकूल है। यद्यपि पंचक पूरे दिन प्रभावी है, फिर भी उचित समय का चयन करके दैनिक कार्य किए जा सकते हैं। शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखते हुए और अशुभ काल से बचकर दिन को संतुलित एवं सकारात्मक बनाया जा सकता है।






