19:59 PM(1 week ago )
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते पर बड़ी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि अगर समझौता हो जाता है, तो होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) "बहुत जल्द" फिर से पूरी तरह खुल जाएगा।
ट्रंप ने आगे कहा:
“एक बार समझौता हो जाने के बाद तेल की कीमतें तेज़ी से नीचे गिरेंगी। बाजार इस प्रमुख वैश्विक आपूर्ति मार्ग में किसी भी रुकावट के प्रति बहुत संवेदनशील रहते हैं।”
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब युद्ध के कारण Brent क्रूड की कीमतें 60% से अधिक बढ़ चुकी हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा और ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाएगा।
19:56 PM(1 week ago )
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य-पूर्व में जारी युद्ध को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के साथ चल रही बातचीत विफल हो गई, तो अमेरिका "लगातार बमबारी" (continuous bombing) जारी रखेगा।
ट्रंप ने कहा:
“हम ईरान के साथ ओमान की मध्यस्थता से अप्रत्यक्ष बातचीत कर रहे थे। अगर ये बातचीत सफल नहीं हुई, तो हम और हमले करेंगे और बमबारी रुकने वाली नहीं है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को 5 दिनों के लिए टालने का फैसला लिया था, लेकिन अब उन्होंने साफ कर दिया कि बातचीत की सफलता ही हमलों को रोक सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है, जबकि ईरान ने पहले ही जवाबी कार्रवाई की धमकी दी हुई है। स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
19:43 PM(1 week ago )
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई की स्थिति पर अनिश्चितता जताई।
ट्रंप ने कहा:
“मुझे नहीं पता कि मोजतबा खामेनेई अभी ज़िंदा हैं या नहीं। मुझे यह भी नहीं पता कि वह कहाँ हैं। मैं नहीं चाहता कि उन्हें मारा जाए, लेकिन मैं उन्हें ईरान का वैध नेता भी नहीं मानता।”
ट्रंप ने यह बयान हाल के अमेरिका-ईरान तनाव और चल रही बातचीत के बीच दिया, जिसमें उन्होंने ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को 5 दिनों के लिए टालने का फैसला लिया था। मोजतबा खामेनेई को कई विश्लेषकों द्वारा उनके पिता के बाद सुप्रीम लीडर के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति पर अफवाहें और असमंजस बरकरार है।
17:50 PM(1 week ago )
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट किया कि उन्होंने युद्ध विभाग (Department of War) को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सभी मिलिट्री हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए।
ट्रंप ने लिखा:
“अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी और उत्पादक बातचीत हुई है, जो पूरी हफ्ते जारी रहेगी। इन गहन और रचनात्मक चर्चाओं के आधार पर, मैंने युद्ध विभाग को ईरानी पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी हमले को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया है- यह इस शर्त पर कि चल रही बैठकें और बातचीत सफल रहें।”
यह फैसला ईरान को Strait of Hormuz खोलने के 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद आया है, जहां ट्रंप ने पहले पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की धमकी दी थी। अब दोनों पक्षों के बीच बातचीत से तनाव कम होने की उम्मीद है, हालांकि स्थिति नाजुक बनी हुई है।
17:33 PM(1 week ago )
ईरान ने इजराइल के तेल अवीव और आसपास के इलाकों पर क्लस्टर मुनिशन्स (बमों की बारिश करने वाले) से लैस बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो आयरन डोम को चकमा देकर कई जगहों पर गिरीं। इस हमले में रामत गन जैसे इलाकों में कम से कम 2 लोगों की मौत हुई, दर्जनों घायल हुए, घर-रास्ते क्षतिग्रस्त हुए और ट्रेन स्टेशन प्रभावित हुआ। ईरान का दावा है कि यह हमला उसके सीनियर सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की हत्या का बदला है।
जवाब में इजराइल ने तेहरान और ईरान के अन्य शहरों (जैसे उर्मिया) पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक्स किए, जहां बुनियादी ढांचे, रिहायशी इलाके और मिलिट्री टारगेट्स को निशाना बनाया गया। इजराइली हमलों से तेहरान में भारी तबाही की खबरें हैं, कई इमारतें ढह गईं और बचाव कार्य जारी हैं।
युद्ध अब 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, दोनों तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हो गए हैं। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ रहा है, ऊर्जा कीमतें प्रभावित हो रही हैं और शांति की अपीलें तेज हो गई हैं।
15:17 PM(1 week ago )
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) की वर्तमान स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तीन हफ्तों से अधिक समय से जारी है, जिसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।
PM मोदी ने आगे कहा:
"पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है। पूरी दुनिया सभी पक्षों से इस संघर्ष का जल्द समाधान निकालने की अपील कर रही है। इसने भारत के सामने भी अभूतपूर्व चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।"
#WATCH पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस युद्ध से दुनिया में जो मुश्किल हालात बने हैं, उनका असर लंबे समय तक रहने की संभावना है, इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए। हमने COVID के समय में एकता के साथ ऐसी चुनौतियों का सामना किया है और अब हमें… pic.twitter.com/DcAl3YgPXZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 23, 2026
उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार मार्गों और नागरिकों की सुरक्षा पर सरकार की सतर्क नजर और मिशन मोड में काम करने की बात कही। संसद से दुनिया को संदेश देने पर जोर दिया कि संकट का शीघ्र समाधान जरूरी है।
13:07 PM(1 week ago )
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें वे पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़े अहम घटनाक्रमों और इस पर भारत के रुख पर बात करेंगे।
11:55 AM(1 week ago )
अमेरिकी सेना ने 9 मार्च 2026 को ईरान के उत्तरी-मध्य कोम प्रांत में स्थित कोम टर्बाइन इंजन उत्पादन प्लांट पर हवाई हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर जारी पोस्ट में पुष्टि की कि यह सुविधा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हमलावर ड्रोन और विमानों के लिए गैस टर्बाइन इंजन और पुर्जे बनाती थी।
CENTCOM ने कहा, "कोम टर्बाइन इंजन उत्पादन प्लांट IRGC के ड्रोन और हमलावर विमानों के इंजन निर्माण का प्रमुख केंद्र था, जिसे अब निशाना बनाया गया है।" हमले से पहले (6 मार्च 2026) और हमले के तीन दिन बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में प्लांट में बड़े पैमाने पर तबाही दिखाई गई है – इमारतें ध्वस्त, उत्पादन क्षेत्र पूरी तरह नष्ट।
यह हमला ईरान की ड्रोन क्षमता को कमजोर करने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है, जो क्षेत्र में जारी युद्ध के बीच IRGC की 'वन-वे अटैक ड्रोन' और अन्य हथियारों की आपूर्ति पर सीधा असर डाल रहा है। ईरान ने हमले की निंदा की है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
11:53 AM(1 week ago )
शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के भारत में आम लोगों पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव को लेकर चिंता जताई।पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “यह संघर्ष अब सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहा, इसका सीधा असर हमारे आम नागरिकों पर पड़ रहा है। LPG की भारी कमी हो गई है। रेस्टोरेंट खुल तो रहे हैं, लेकिन मेन्यू में आधे से ज्यादा आइटम उपलब्ध नहीं हैं क्योंकि गैस ही नहीं है। यह समस्या पिछले तीन हफ्तों से लगातार बनी हुई है।”
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि दुनिया के किसी भी देश की तरफ से अब तक शांति बहाली की कोई ठोस पहल नहीं दिख रही, जिससे तेल और गैस आपूर्ति पर संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों में LPG, पेट्रोल-डीजल जैसी जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर असर दिखने लगा है।
09:40 AM(1 week ago )
ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार को कई जगहों पर जोरदार धमाकों की खबरें आई हैं। फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इजरायली मिसाइलों ने शाहिद बाबाई एक्सप्रेसवे के पास कम से कम दो स्थानों और शहर के पूर्वी बाहरी इलाके गर्मदारेह क्षेत्र को निशाना बनाया।
सबसे बड़ा धमाका व्यस्त हाफ़िज़-जोमहूरी चौराहे (हाफ़िज़ जंक्शन) पर सुना गया, जो तेहरान का एक घनी आबादी वाला और व्यावसायिक केंद्र है। इस इलाके में सरकारी दफ्तर, दुकानें, बाजार और रिहायशी इमारतें मौजूद हैं।
अल जज़ीरा ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि धमाकों से शहर में अफरा-तफरी मच गई है। अभी तक हताहतों या नुकसान की आधिकारिक संख्या जारी नहीं हुई है, लेकिन ईरानी मीडिया ने इसे "इजरायली आक्रामकता" का हिस्सा बताया है।
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच यह तेहरान पर सीधे हमलों की नई कड़ी है, जिससे राजधानी में सुरक्षा अलर्ट बढ़ गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
09:38 AM(1 week ago )
ईरान के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और US-इज़राइल हमलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग नए सुप्रीम लीडर के समर्थन में भी नजर आए।
09:37 AM(1 week ago )
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी सेना ईरान की 'वन-वे अटैक ड्रोन' (एकतरफा हमलावर ड्रोन) सुविधाओं पर हमले जारी रखे हुए है। CENTCOM के आधिकारिक बयान में कहा गया है, "अमेरिकी सेना ईरानी शासन की उन 'वन-वे अटैक ड्रोन' क्षमताओं को लगातार नष्ट कर रही है, जिनका इस्तेमाल उन्होंने पूरे क्षेत्र में नागरिकों को अंधाधुंध निशाना बनाने के लिए किया है।"
यह हमला ईरान के ड्रोन उत्पादन और लॉन्च साइट्स को लक्षित कर रहा है, जिससे ईरान की ड्रोन-आधारित हमले की क्षमता को कमजोर करने का प्रयास है। अमेरिका का दावा है कि ईरानी ड्रोन हमलों से क्षेत्रीय नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर खतरा बढ़ा हुआ है।
यह कार्रवाई ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच तनाव के चरम पर हो रही है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैन्य ढांचे को निशाना बना रहे हैं। CENTCOM ने आगे कहा कि ऐसे हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक ईरान की ड्रोन क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती।
09:33 AM(1 week ago )
ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में एक रेडियो स्टेशन को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'मेहर' ने इसकी पुष्टि की है।
हमला होर्मुज़ जलडमरूमध्य के निकट स्थित इस रणनीतिक तटीय शहर के प्रसारण केंद्र पर हुआ। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हमले से कुछ लोग हताहत हुए हैं, लेकिन घायलों की संख्या और नुकसान की पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
यह घटना ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच आई है, जहां हाल के दिनों में ईरान के कई संचार और सैन्य ठिकानों पर हमले हो चुके हैं। ईरानी अधिकारियों ने हमले को 'आतंकवादी' करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बंदर अब्बास ईरान का प्रमुख बंदरगाह और होर्मुज़ स्ट्रेट के नियंत्रण में महत्वपूर्ण शहर है, जिससे इस हमले का रणनीतिक महत्व और बढ़ जाता है। जांच जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
09:27 AM(1 week ago )
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिजली ग्रिड पर हमले की धमकी के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रतिशोध की चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़ाक़ारी ने सरकारी मीडिया को दिए बयान में कहा कि अगर अमेरिका या उसके सहयोगी ईरान के ईंधन और ऊर्जा ढांचे पर हमला करते हैं, तो खाड़ी के सभी अमेरिकी-संबद्ध ऊर्जा नेटवर्क, सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियां और जल विलवणीकरण (desalination) संयंत्र निशाना बनाए जाएंगे।
ज़ोलफ़ाक़ारी ने स्पष्ट किया, "यह हमारी पिछली चेतावनियों के ठीक अनुरूप होगा।" खाड़ी के देश जैसे सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत पीने के पानी के लिए बड़े पैमाने पर desalination प्लांट्स पर निर्भर हैं, इसलिए ऐसे हमले से क्षेत्र में पानी और ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
यह धमकी ऐसे समय आई है जब ट्रंप ने ईरान को "अंतिम चेतावनी" देते हुए कहा था कि अगर ईरान ने अपने हमलों को नहीं रोका तो अमेरिका उसके बिजली ग्रिड और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे को पूरी तरह तबाह कर देगा। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच दोनों पक्षों की धमकियां तेज हो गई हैं, जिससे वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है।
09:24 AM(1 week ago )
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा नेटवर्क, आईटी सिस्टम और पानी के प्लांट्स को निशाना बनाएगा।