ईरान के मशहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए अमेरिकी एयरस्ट्राइक में एक बड़ा विमान क्षतिग्रस्त हो गया, जो भारत से राहत सामग्री लाने के मिशन पर था। घटना के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा, नागरिक उड्डयन और भारत-ईरान मानवीय सहयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि अमेरिका की ओर से अभी तक इस विशेष विमान को निशाना बनाने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय मीडिया और सैटेलाइट तस्वीरों से एयरपोर्ट पर हुए नुकसान की पुष्टि हो रही है। इस हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिक उड्डयन की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत से राहत सामग्री और दवाइयां लाने का था मिशन
क्षतिग्रस्त हुए विमान का मिशन बेहद महत्वपूर्ण और मानवीय था। जानकारी के मुताबिक, इस विमान को 1 अप्रैल 2026 की सुबह 4:00 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड करना था। इसे भारत से लगभग 11 टन राहत सामग्री, जिसमें जीवनरक्षक दवाइयां और युद्ध क्षेत्र के लिए आवश्यक मेडिकल किट शामिल थे, लेकर वापस ईरान जाना था।
भारत ने हाल ही में ईरान के साथ अपने 'सभ्यतागत और मानवीय संबंधों' का हवाला देते हुए सहायता भेजने का सिलसिला शुरू किया था।

महान एयर पर अमेरिकी प्रतिबंधों का साया
जिस विमान पर हमला हुआ है, वह ईरान की निजी एयरलाइन 'महान एयर' का है। गौरतलब है कि अमेरिका ने इस एयरलाइन पर कई सालों से प्रतिबंध लगा रखे हैं। वाशिंगटन का आरोप रहा है कि ईरान इस एयरलाइन का उपयोग सैन्य साजो-सामान और आईआरजीसी (IRGC) के जवानों को ढोने के लिए करता है।
हालांकि, ताजा मामले में यह विमान पूरी तरह से मानवीय सहायता के लिए निर्धारित था। जानकारों का कहना है कि अमेरिका की इस कार्रवाई से न केवल ईरान बल्कि भारत के साथ चल रहे राहत कार्यों पर भी बुरा असर पड़ेगा, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है।
क्षेत्रीय तनाव और एविएशन सेक्टर पर संकट
ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी इस त्रिकोणीय संघर्ष में अब तक दर्जनों विमानों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें आ चुकी हैं। हाल के दिनों में मेहराबाद और मशहद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान के लगभग 16-17 कमर्शियल और कार्गो विमान हमलों में नष्ट हो चुके हैं।
नागरिक विमानों पर हो रहे ये हमले अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों का उल्लंघन हैं। इस घटना के बाद एयर इंडिया समेत कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरानी हवाई क्षेत्र के उपयोग को लेकर अपनी चेतावनी और सख्त कर दी है, जिससे वैश्विक हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।









