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उत्तर प्रदेश में 'खूनी मांझे' के कारण हो रहे हादसों पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित 'चीनी मांझे' और खतरनाक नायलॉन की पतंग डोर के खिलाफ योगी सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और राज्य सरकार के सख्त निर्देशों के अनुपालन में पुलिस ने पूरे प्रदेश में एक सघन अभियान चलाया।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौत के सौदागरों के खिलाफ 14 मुकदमे दर्ज कर 13 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

​11 हजार से ज्यादा दुकानों पर छापेमारी

​पुलिस की टीमों ने पिछले एक सप्ताह के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 117 गोदामों और 11,899 दुकानों की सघन तलाशी ली है। इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य उन थोक और खुदरा विक्रेताओं को पकड़ना था जो चोरी-छिपे प्रतिबंधित मांझे की बिक्री कर रहे थे।

​लाखों का अवैध मांझा और नायलॉन डोर बरामद

​जांच के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध सिंथेटिक मांझा और शीशा-लेपित नायलॉन डोरी जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1.93 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने न केवल सामान जब्त किया है, बल्कि कई अन्य मुख्य आरोपियों की भी पहचान कर ली है जिनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है।

​नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

​पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस आयुक्तों और जिलों के एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री को हर हाल में रोका जाए। अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि जो भी नियम तोड़ते हुए पाया जाए, उसके खिलाफ न केवल एफआईआर दर्ज की जाए बल्कि कठोर दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

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