मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार रात करीब 8:45 बजे किदवई नगर की तंग गलियों में स्थित एक तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई।
इस हादसे ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों की खुशियां छीन लीं, जिसमें पांच बच्चों और एक महिला की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। जब यह हादसा हुआ, परिवार के पुरुष सदस्य पास की मस्जिद में तरावीह की नमाज अदा कर रहे थे।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, कपड़ों के गोदाम ने बनाया मौत का जाल
मृतक इकबाल अहमद कपड़ा कारोबारी हैं और उनके घर के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर 'आई संस एम्ब्रॉयडरी' नाम से कपड़ों पर कढ़ाई का कारखाना संचालित होता है। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, कारखाने में शॉर्ट सर्किट की वजह से चिंगारी उठी, जिसने वहां रखे कपड़ों के ढेर को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटें सीढ़ियों के रास्ते ऊपरी मंजिलों तक पहुँच गईं, जिससे ऊपर मौजूद महिलाओं और बच्चों के बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
जान बचाने के लिए छतों से कूदे लोग, चीख-पुकार से दहला इलाका
हादसे के वक्त घर की दूसरी मंजिल पर महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। आग और धुएं के गुबार के बीच खुद को घिरा देख परिवार में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कुछ सदस्यों ने साहस दिखाते हुए दूसरी मंजिल की छत से पड़ोसियों की छतों पर छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच सकी। हालांकि, कमरों के भीतर मौजूद पांच बच्चे और एक महिला धुएं और लपटों के कारण फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए।
संकरी गलियों ने रेस्क्यू में डाली बाधा, स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस
किदवई नगर एक घनी आबादी वाला इलाका है, जहाँ की गलियां काफी संकरी हैं। इस वजह से फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुँचने में काफी समय लगा। दमकल विभाग के पहुँचने से पहले ही स्थानीय युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर पड़ोसी की छतों के रास्ते घर में घुसने की कोशिश की और कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक छह जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं।
छह महीने की जुड़वां बच्चियों समेत पांच मासूमों की मौत
इस अग्निकांड ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया है। मृतकों में आसिम की छह महीने की जुड़वां बेटियां, नबिया और इनायत भी शामिल थीं, जिन्होंने अभी दुनिया को ठीक से देखा भी नहीं था।