Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 12 साल पहले बनी एक मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया। सरकारी जमीन पर निर्माण का आरोप लगाते हुए की गई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया।
प्रशासनिक जांच और अवैध निर्माण का मामला
राजस्व विभाग और जिला प्रशासन की जांच में यह बात सामने आई थी कि उक्त मस्जिद का निर्माण ग्राम समाज या चकरोड की जमीन पर किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद प्रबंधन को पहले ही नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो सोमवार सुबह तड़के ही बुलडोजर और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुँच गई।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम और क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहे ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
भारी सुरक्षा घेरा और ड्रोन से निगरानी
मस्जिद ढहाए जाने की खबर फैलते ही इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। एहतियातन प्रशासन ने आसपास के पूरे क्षेत्र में पीएसी और कई थानों की पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया। संवेदनशील इलाकों की ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई।
पुलिस ने मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी और केवल निवासियों को ही पहचान पत्र देखने के बाद प्रवेश की अनुमति दी गई। स्थानीय लोगों और समुदाय के नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की गई है, और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का विरोध और प्रशासनिक पक्ष
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होते ही कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। मस्जिद समिति के सदस्यों का तर्क है कि यह निर्माण काफी पुराना है और उनके पास इससे संबंधित कुछ दस्तावेज भी हैं, जिसे प्रशासन ने दरकिनार कर दिया।
वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमानुसार और कोर्ट के आदेशों के परिप्रेक्ष्य में की गई है। सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना उनकी प्राथमिकता है।
इलाहे में स्थिति सामान्य करने के प्रयास
कार्रवाई पूरी होने के बाद भी मलबे को हटाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए फोर्स तैनात है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है और स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक फोटो या वीडियो शेयर न करने की चेतावनी दी है। प्रशासन अब अन्य अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर रहा है, जिन पर आने वाले दिनों में इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।