उत्तराखंड में केदारनाथ जाने वाले रास्ते पर 9 सितंबर को लैंडस्लाइड हुई। SDRF ने 10 सितंबर को 5 लोगों के शव निकाले। मरने वाले 3 तीर्थयात्री धार जिले के निकले। गौरीकुंड के पास पैदल मार्ग हुए हादसे में कई लोग घायल हैं।

Uttarakhand landslide: उत्तराखंड लैंड स्लाइड में धार के 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। 9 सितंबर की रात केदारनाथ जाने वाले रास्ते पर अचानक भूस्खलन में 5 तीर्थयात्री मलबे में दब गए। SDRF की टीम ने रात में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 10  सितंबर की सुबह मलबे से शव निकाले तो हड़कंप मच गया। तीन मृतक धार के सरदारपुर के रहने वाले निकले। तीनों आपस में भाई बहन थे। 

40 लोग गए थे केदारनाथ के दर्शन करने
धार जिले से 40 लोग बस से केदारनाथ दर्शन करने गए थे। सोमवार दोपहर बाद केदारघाटी में भारी बारिश हुई। सोनप्रयाग से आधा किलोमीटर आगे गौरीकुंड के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन हो गया। वहां से पैदल गुजर रहे तीर्थ यात्री पहाड़ी से आए पत्थर और मलबे की चपेट में आ गए। हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस, NDRF की टीम पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया।

इसे भी पढ़ें: वायनाड में लैंडस्लाइड से तबाही: आसमान से बरसी आफत से उजड़े सैकड़ों घर

हादसे में पांच की मौत 
SDRF की टीम ने मंगलवार सुबह मलबे से शव निकाले तो एमपी में हड़कंप मच गया। धार के सरदारपुर निवासी गोपाल (50), दुर्गा बाई खापर (50) और समन बाई (50) की भूस्खलन से मौत हुई है। तीनों आपस में बहन-भाई थे। निपावली के रहने वाले छगनलाल गंभीर रूप से घायल हैं। इनके अलावा हादसे में गुजरात के सूरत निवासी भारत भाई निरालाल (52) और नेपाल के धनवा निवासी तितली देवी मंडल (70) की भी जान गई है।  

ये लोग घायल 
हादसे में जीवच तिवारी (60) निवासी धनवा नेपाल, मनप्रीत सिंह (30) निवासी वेस्ट बंगाल और छगनलाल निवासी धार (45) घायल हैं। पुलिस के मुताबिक, घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए गुप्तकाशी अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर पत्थर गिरने से चुनौतीपूर्ण हालात बने हुए हैं। धीरे-धीरे भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन पैदल यात्रियों के लिए बड़ा खतरा है।