उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में 17 बच्चों की मौत के मामले में हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया, अधिकारियों को नोटिस जारी कर जांच रिपोर्ट मांगी।

मध्यप्रदेश। उज्जैन के अंबोदिया स्थित सेवाधाम आश्रम (Ujjain Sevadham Ashram) पहुंचाए गए 86 बच्चों में से 17 की मौत के मामले में जांच शुरू हुई है। बुधवार को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया। महिला व बाल विकास सचिव, आयुक्त, कलेक्टर उज्जैन और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और आश्रम अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए अदालत ने दो हफ्ते में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाया 12 मार्च को होगी। तब तक अधिकारियों को अदालत में आश्रम की निरिक्षण रिपोर्ट पेश करनी होगी।

युगपुरुष आश्रम से आए थे 86 बच्चे
बताया जा रहा है कि, महिला व बाल विकास विभाग ने स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। जून-जुलाई 2024 में इंदौर के युगपुरुष आश्रम में हैजा से हुई मौतों के बाद शासन ने वहां के 86 बच्चों को उज्जैन के सेवाधा आश्रम में शिफ्ट किया था। 

अत्यंत नाजुक स्थिति में थे बच्चे
सेवाधाम आश्रम के संस्थापक सुधीर भाई गोयल का कहना है कि, इंदौर से आए बच्चे पहले से ही नाजुक स्थिति में थे। वे कुपोषित थे, उनके फेफड़े डैमेज थे और वे टीबी, मिर्गी व गंभीर संक्रमण जैसी बीमारियों से जूझ रहे थे। इंदौर की संस्था ने बच्चों का पूरा मेडिकल रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया था। सभी मृत बच्चों का पोस्टमार्टम कराया गया है।

13 वर्षीय राहुल 5 फरवरी से लापता
बताया जा रहा है कि, बच्चों को शिफ्ट किए जाने के एक महीने बाद ही, 23 जनवरी 2025 से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। रिकार्ड के अनुसार, इसी एक साल की अवधि में आश्रम में कुल 38 लोगों की जान गई है, जिनमें से 17 बच्चे इंदौर के युगपुरुष आश्रम से लाए गए थे। इसके अतिरिक्त, 13 वर्षीय राहुल नाम का बच्चा पांच फरवरी 2026 से लापता है, जिसकी रिपोर्ट भैरवगढ़ थाने में दर्ज है।

अलग-अलग बिंदुओं पर जांच जारी
महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने इस मामले में स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। किन परिस्थितियों में बच्चों की मौतें हुईं, मानीटरिंग के क्या इंतजाम थे, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई गई या नहीं आदि बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आश्रम से भी जानकारी मांगी गई है।