भोपाल। प्रदेश के शिवपुरी जिले में तेज ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को भारी क्षति पहुंची। सरसों, चना, गेहूं और टमाटर जैसी फसलें इस असामान्य मौसम का शिकार बनीं हैं। कटाई की तैयारी कर रहे किसान इस बेमौसम बारिश ने चिंता में पड़ गए हैं। खबरों के अनुसार, आज सोमवार को शिवपुरी की पिछोर, करैरा, नरवर और मुख्य तहसील क्षेत्रों में वर्षा हुई। जबकि, लालगढ़, रायश्री और टोंगरा गांवों में बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों का दृश्य पूरी तरह बदल गया। कई स्थानों पर खेत सफेद परत से ढके नजर आए, मानो बर्फ गिर गई हो। ओलावृष्टि से फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
जबलपुर में दिन में धूप शाम को गिरा पानी
दूसरी ओर, जबलपुर से मिली खबर में बताया गया है कि सोमवार शाम मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट बदली। दिन में तेज धूप थी, लेकिन शाम होते-होते बादलों ने आसमान को घेर लिया। धूल भरी हवाएं चलीं और फिर हल्की बारिश शुरू हो गई। इसी तरह सीधी जिले में दोपहर के समय तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थानीय गतिविधियां प्रभावित हुईं। मौसम विभाग ने मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों के लिए निकट भविष्य में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि इस दौरान हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
ग्वालियर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश
इसके अतिरिक्त ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह सहित कई अन्य जिलों में भी आंधी और वर्षा की संभावना जताई गई है। आईएमडी के भोपाल केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय है और उससे जुड़ी ट्रफ लाइन का प्रभाव राज्य में देखा जा रहा है। रविवार को दक्षिणी जिलों में मौसम में बदलाव रहा, जबकि सोमवार को पूर्वी क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति बनी। इससे पहले 22 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन वह प्रणाली आगे बढ़ गई।








