Amita Singh Tomar: मध्यप्रदेश। बाढ़ राहत घोटाले में बड़ा एक्शन लेते हुए पुलिस ने तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, गुरुवार को बड़ौदा थाना पुलिस अमिता सिंह तोमर के ग्वालियर स्थित आवास पर पहुंची हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। गुरुवार को ही पुलिस ने अमिता सिंह तोमर को कोर्ट में पेश किया, यहां से उन्हें न्यायिक हिरासत पर महिला जेल शिवपुरी भेज दिया गया।
असली हकदार राहत राशि से वंचित
बताया जा रहा है कि, बड़ौदा तहसील में पदस्थ रहीं अमिता सिंह तोमर पर बाढ़ राहत राशि वितरण में अनियमितताओं का आरोप है। जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि, काल्पनिक लोगों के नाम पर और कुछ अपात्र लोगों को राशि का वितरण किया गया था। इसके चलते असली हकदार राहत राशि से वंचित रह गए। अमिता सिंह तोमर द्वारा की गई अनियमितताओं के चलते सरकारी खजाने को करीब ढाई करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया था।
संगठित नेटवर्क था सक्रिय
पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेते हुए बड़ौदा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इस पूरे मामले में एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। कई लोगों के इसमें शामिल होने की आशंका है। लम्बे समय से मामले पर जांच की जा रही थी। कई सबूत इकठ्ठा किए गए और अब अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
फिलहाल अमिता सिंह तोमर श्योपुर की विजयपुर तहसील में पदस्थ थीं। गिरफ्तारी के एक दिन पहले ही उन्हें पद से हटा दिया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए अमिता सिंह तोमर ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस मामले में आगे और भी लोग गिरफ्तार हो सकते हैं।