मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से जुड़े जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को मद्रास हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने यह नियुक्ति की।

जबलपुर। हाल ही में सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को मद्रास हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव का कार्यकाल समाप्त होने के बाद की गई है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के आधार पर लिया गया, जो देश में उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति और तबादलों से जुड़ी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

26 को कॉलेजियम ने की सिफारिश
जस्टिस धर्माधिकारी केरल हाईकोर्ट के जज के तौर पर काम कर रहे थे, जब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 फरवरी, 2026 को हुई मीटिंग में मद्रास हाई कोर्ट के अगले चीफ जस्टिस के तौर पर उनकी नियुक्ति की सिफारिश की थी। उनका पेरेंट हाई कोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट है।

उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लगभग 24 साल तक अपनी सेवाएं दी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वर्ष 2000 से 2015 तक भारत सरकार की ओर से स्थायी वकील के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक औरआयकर विभाग से जुड़े मामलों में सरकार का पक्ष रखा। 

1992 में वकालत से शुरुआत
1992 में वकालत से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले जस्टिस धर्माधिकारी का जन्म 8 जुलाई 1966 को रायपुर में हुआ। उनकी न्यायिक सेवा की शुरुआत 7 अप्रैल 2016 को हुई, जब उन्हें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया। इसके बाद मार्च 2018 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया। न्यायिक अनुभव और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें अप्रैल 2025 में केरल हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था। वर्तमान में वह वहीं काम कर रहे हैं। 

कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे
केरल हाईकोर्ट में कार्य करते हुए जस्टिस धर्माधिकारी कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई का हिस्सा रहे। हाल ही में वे उस खंडपीठ में शामिल थे जिसने फिल्म द केरला स्टोरी-2– गोज बियांड से जुड़े विवाद पर सुनवाई की। इस मामले में फिल्म की रिलीज पर अस्थायी रोक के खिलाफ दायर अपील पर अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा। मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 

नई भूमिका में दिखेगा अनुभव का असर
मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में उनकी नियु्ति कई मायनों में महत्वपूर्ण है। वह हाईकोर्ट के प्रशासनिक प्रमुख होंगे और न्यायिक कार्यों के साथ-साथ अदालत के प्रबंधन, बेंच गठन और महत्वपूर्ण मामलों के आवंटन जैसी जिम्मेदारियां भी निभाएंगे। इसके साथ ही वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से दूसरे राज्य में मुख्य न्यायाधीश बनने वाले सत्रहवें न्यायाधीश बन गए हैं, जो राज्य की न्यायिक परंपरा के लिए भी एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।