भोपाल पुलिस ने संगठित अपराध के गढ़ 'ईरानी डेरा' पर सर्जिकल स्ट्राइक कर यह साबित कर दिया है कि कानून का हाथ अपराधियों की पहुंच से ऊपर है।

भोपाल : राजधानी भोपाल के निशातपुरा इलाके में स्थित कुख्यात ईरानी डेरा में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 400 पुलिसकर्मियों की भारी फौज ने पूरे इलाके को चारों तरफ से ब्लॉक कर दिया।

रात के अंधेरे में अंजाम दिए गए इस गोपनीय और साहसिक ऑपरेशन में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंडों और इनामी बदमाशों को उनके बिल से खींच निकाला। इस कार्रवाई ने संगठित अपराध सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है।

​रात 2 बजे बिछा जाल

​पुलिस की यह कार्रवाई किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी थी। पुलिस आयुक्त संजय कुमार की सीधी निगरानी में तैयार इस प्लान को इतना गुप्त रखा गया कि स्थानीय खुफिया तंत्र को भी इसकी भनक नहीं लगी।

घेराबंदी: रात करीब 2 बजे, डीसीपी मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में 2 एडीसीपी, 9 एसीपी और 20 थाना प्रभारियों सहित 400 जवानों ने अमन कॉलोनी के ईरानी डेरे को हर एग्जिट पॉइंट से सील कर दिया।

सर्च ऑपरेशन: पुलिस ने संदिग्ध घरों की सघन तलाशी ली। अचानक हुई इस छापेमारी से अपराधियों को भागने या छिपने का मौका ही नहीं मिला।

बड़ी कामयाबी: 'मोस्ट वांटेड' शहादत हुसैन पुलिस की गिरफ्त में

​इस मेगा ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता 1 लाख 38 हजार के इनामी अपराधी शहादत हुसैन की गिरफ्तारी रही। शहादत लंबे समय से भोपाल पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। उस पर मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसे संगठित अपराध नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है।

​सिंडिकेट के मास्टरमाइंड 'राजू डकैत' से जुड़ा कनेक्शन

​यह छापेमारी पिछले महीने पकड़े गए कुख्यात अपराधी आबिद अली उर्फ राजू ईरानी की गिरफ्तारी का अगला चरण है।

14 राज्यों में आतंक: राजू ईरानी का सिंडिकेट देश के 14 राज्यों में सक्रिय था। यह गिरोह फर्जी सीबीआई ऑफिसर या पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को ठगने और लूटने में माहिर है।

अपराध का प्रोफाइल: इस गिरोह पर महाराष्ट्र में मकोका जैसे कड़े कानून के तहत भी मामले दर्ज हैं।

हिरासत में 40 संदिग्ध: ताजा छापेमारी में पुलिस ने महिलाओं सहित 40 से अधिक लोगों को पकड़ा है, जिनसे पूछताछ में देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय अपराधियों के सुराग मिल सकते हैं।

​पुलिस की सख्ती: 'अपराधियों के लिए कोई सेफ जोन नहीं'

​भोपाल पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि शहर के किसी भी कोने को अपराधी अपना सुरक्षित ठिकाना नहीं बना सकते। डीसीपी मयूर खंडेलवाल के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की प्रोफाइल खंगाली जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनमें से कितने लोग बाहरी राज्यों से आकर यहाँ शरण लिए हुए थे।