इंदौर में दिनेश सहारा फाउंडेशन द्वारा 'ग्रीन गोल्ड डे' का आयोजन किया गया। पितृ पर्वत पर 1,000 पौधे लगाए गए और वॉकाथॉन के जरिए पर्यावरण जागरूकता का प्रसार किया गया।

Indore News: दिनेश सहारा फाउंडेशन ने इंदौर में पर्यावरण संरक्षण और सनातन मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 'ग्रीन गोल्ड डे' का शानदार आयोजन किया। इस खास मौके पर वृक्षारोपण, वॉकाथॉन और भजन संध्या के जरिए लोगों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और शहरवासियों ने भाग लेकर हरित भविष्य का संकल्प लिया।

पितृ पर्वत पर वृक्षारोपण और गौ सेवा
दिनेश सहारा फाउंडेशन के तत्वावधान में 'ग्रीन गोल्ड डे' की शुरुआत पितृ पर्वत पर वृक्षारोपण अभियान के साथ हुई। यहाँ प्रकृति प्रेमियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर 1,000 से अधिक पौधे लगाए। इस दौरान डॉ. दिनेश सहारा ने गौ सेवा भी की, जो पारिस्थितिक संतुलन और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति उनके समर्पण को प्रदर्शित करता है। इस पुनीत कार्य में उनके साथ परिवार के सदस्य सुरेश सहारा, नितेश सहारा और मनीष सहारा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

ग्रीन गोल्ड वॉकाथॉन में उमड़ा जनसैलाब
शाम के समय पर्यावरण जागरूकता के लिए 'ग्रीन गोल्ड वॉकाथॉन' का आयोजन किया गया। 3 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में इंदौर के युवाओं, परिवारों और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का अहसास कराना था। डॉ. सहारा ने इस दौरान संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।

समाजसेवियों का सम्मान और 'भजन क्लबिंग'
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में रंजन नेगी, सुरेश एमजी, प्रियंशु कुमाथ, सुधींद्र मोहन शर्मा, डॉ. जगदीश यादव और पुनीत पांडे शामिल थे। आयोजन का समापन "Walk to Heal, Sing to Feel" थीम पर आधारित एक अनूठे भजन क्लबिंग सत्र के साथ हुआ। सुरम्य भजनों ने उपस्थित लोगों को भक्ति और आत्मचिंतन के गहरे भाव से जोड़ दिया।

हरा रंग महज रंग नहीं, बल्कि जीवन रेखा है: दिनेश सहारा
अपने संबोधन में दिनेश सहारा ने कहा कि उनके लिए हरा रंग सिर्फ एक रंग नहीं, बल्कि जीवन की डोर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण, गौ सेवा और सामूहिक भजन ईश्वर व प्रकृति से जुड़ने के सरल माध्यम हैं। डॉ. सहारा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्चा उत्सव सेवा और जीवन के संरक्षण में निहित है। उन्होंने सभी से सतत विकास और आध्यात्मिक जागरूकता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।