बैतूल ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी दीपक धुर्वे को मानसिक इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया। उसका व्यवहार उग्र होने पर पुलिस को उसे बेहोश कर अस्पताल ले जाना पड़ा।

मध्यप्रदेश। बैतूल ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी दीपक धुर्वे उर्फ 'दैत्य' का इलाज अब ग्वालियर के मानसिक अस्पताल में होगा। दीपक पर अपने पिता-मां और भाई की बेरहमी से हत्या करने का आरोप है। उसका व्यवहार इतना आक्रामक है कि, पुलिस को उसे बेहोश करके ले जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि, ग्वालियर में धुर्वे को एक स्पेशल सेल में रखा जाएगा जहां मानसिक रोगियों के इलाज की व्यवस्था है।

5 साल का बच्चा घायल
एमपी के बैतूल जिले के सांवगा गांव में 19 फरवरी को तीन लोगों की हत्या हुई थी। मृतकों में हंसू धुर्वे (45), कमलती धुर्वे (40) और दिलीप (23) शामिल था। तीनों की बेरहमी से हत्या करने के बाद दीपक शवों के पास बैठा था। दरवाजा अंदर से बंद था। हमले में 5 साल का प्रशांत परते घायल हुआ था। 

लाशों के साथ रात भर कमरे में था दीपक
हत्याकांड का पता तब चला जब धुर्वे परिवार ने बहुत देर तक अपने घर का गेट नहीं खोला। पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया तो दरवाजा तोड़कर टीम घर के अंदर दाखिल हुई। कमरे के अंदर तीनों लाशें खून से लथपथ पड़ी थीं। एक कोने में दीपक भी बैठा था। खून से सनी लकड़ी और सरिया भी लाशों के पास ही पड़ा था।

यह भी पढ़ें: कांग्रेस ने नहीं स्वीकारा हेमंत कटारे का इस्तीफा

यह भी पढ़ें: BJP युवा मोर्चा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प

यह भी पढ़ें: शिवलिंग पर सिर रगड़ता दिखा बाघ

यह भी पढ़ें: रामेश्वर शर्मा ने हेमंत कटारे की आड़ में नेता विपक्ष पर कसा तंज

यह भी पढ़ें: MP की नई आबकारी नीति लागू:

बिल्ली को भी उतारा मौत के घाट
क्राइम सीन को देखकर पुलिस ने अंदाजा लगाया कि, दीपक ने छोटे भाई से पहले विवाद किया और उस पर हमला किया। बीचबचाव करने आए पिता पर भी दीपक ने कई हमले किए। दोनों का शव एक-दूसरे से लिपटा हुआ था। जब मां बचाने आई तो दीपक ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार दीपक ने एक बिल्ली को भी मारा था। इसी घर में एक 5 साल का बच्चा भी था। हत्याकांड से वह इतना डर गया था कि, खुद को कपड़े से ढककर बैठा रहा। पूरे हत्याकांड को उसने अपनी आंखों से देखा।

दीपक को आते थे दौरे
रिश्ते में दीपक के जीजा के अनुसार, उसे लम्बे समय से मानसिक विकार था। एक साल से उसे दौरे आते थे। कभी-कभी वह चिल्लाकर कहता था कि, उसके अंदर दैत्य है चुड़ैल है...और ऐसा करते हुए उसकी आंखें लाल हो जाती थी। परिजनों के मुताबिक दीपक का नागपुर समेत कई जगह पर इलाज कराया लेकिन उसे दौरे आना बंद नहीं हुए। 

थाने में भी दीपक काफी उग्र हो गया था। उसने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया था लेकिन पुलिस वालों पर हमला शुरू कर दिया। नींद की दवा देकर दीपक को शांत किया गया।