भोपाल। प्रदेश की राजधानी समेत प्रदेश के कई शहरों में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने आज बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। यह प्रदर्शन हाल ही में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्द्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में किया जा रहा है। भाजपा ने इसे देश प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया है और इसी के विरोध में कांग्रेस के कार्यालयों का घेराव करने की रणनीति बनाई है। राजधानी भोपाल में दोपहर करीब 2 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ता एकत्र होंगे और वहां प्रदर्शन करेंगे।
भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा विरोध
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह विरोध केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। विदिशा, राजगढ़, रायसेन और नर्मदापुरम के कार्यकर्ता संयुक्त रूप से अपने-अपने जिलों में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेंगे। ग्वालियर, मुरैना और उज्जैन में भी भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में कांग्रेस के दफ्तरों का घेराव किया जाएगा। युवा मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर रैली निकालकर कांग्रेस कार्यालयों तक पहुंचेंगे और वहां नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे।
कांग्रेस का प्रदर्शन मर्यादा के विपरीत
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने जिस प्रकार का प्रदर्शन किया, वह राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इसे जनता के सामने उजागर करना जरूरी है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि एआई इम्पैक्ट समिट जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान इस तरह का विरोध प्रदर्शन करना प्रदेश की गरिमा के अनुरूप नहीं था। भाजपा का मानना है कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए असामान्य और आपत्तिजनक तरीका अपनाया। इसी के जवाब में भाजपा अब आक्रामक रुख अपना रही है और कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से राहुल गांधी, के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रही है।
प्रशासन ने सख्त की सुरक्षा व्यवस्था
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना है, ताकि जनता तक उनका पक्ष पहुंच सके। हालांकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कई जिलों में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति में नए टकराव का संकेत है। एक ओर कांग्रेस अपने मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, तो वहीं भाजपा भी जवाबी रणनीति के तहत सड़क पर उतर आई है।