इस बार समाधि स्थल को अक्षरधाम की थीम पर सुसज्जित किया गया है जो कि श्रद्धालुओं के लिए बहुत ही आकर्षण का केंद्र भी बना हुआ है।

रोहतक में एक फिर इस वर्ष का सबसे बड़ा मेला लगने जा रहा है। 3 दिवसीय मेले में मठ को बहुत ही खुबसूरती से सजाया गया है। यह मेला इतना भव्य है कि इसमें हज़ारो की तादात में श्रद्धालुओं आने का अनुमान लगा गया है। सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ की पुण्यस्मृति पर लगाए जाने वाले मेले में भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही भक्त बाबा मस्तनाथ के दर्शन करने व आशीर्वाद के लिए पहुंच रहे है। वहीं इस मेले में, नागा साधु भी समाधी स्थल पर पहुंच गये हैं। 

जब किसी भी मेले का आयोजन किया जाता है तब अक्सर कोई न कोई अप्रिय घटना देखने को मिलती है। इसलिए इस बार गद्दीनशीन महंत बालकनाथ योगी ने जानकारी देते हुए कहा है कि 'समाधि स्थल, मुख्य मंदिर, पंडाल, भंडारा स्थल, पेयजल केंद्र और सुरक्षा की उचित प्रबंध किया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा,सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का प्रयास किया गया है, ताकि मेले के दौरान किसी को असुविधा न हो।'
 
बेहद भव्य है मेले की सजावट,बनी आकर्षण का केंद्र

बाबा मस्तनाथ मठ होने जा रहे मेले में मठ की साज सजावट बेहद ही आकर्षित कर रही है। यदि प्रवेश द्वार की बात की जाए तो वहां से मुख्य मंदिर तक भव्य तोरण लगाई गई है, रंगीन ध्वज और पुष्प सज्जा की गई, इसके साथ ही पूरा मठ रंग-बिरंगी रोशनियों से आलोकित है, तो वहीं बाबा मस्तनाथ के समाधि स्थल को भी बहुत ही भव्यता से सजाया गया है यहां सुगंधित पुष्पों और दीप मालाओं से सुसज्जित कर बहुत ही भव्य बनाया गया है।यह देखने में इतना सुंदर प्रतीत हो रहा है कि जो भी देखे मंत्रमूग्ध हो जाए।

मेले का कैसे होगा शुभारंभ

इस मेले की जानकारी देते महंत बालकनाथ योगी ने बताया कि इस मेले का शुभारंभ विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किया जाएगा। इस दौरान बाबा मस्तनाथ की शिक्षाओं और आध्यात्मिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कई  प्रवचन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं,ताकि उनकी शिक्षा सभी ज्यादातर लोंगों तक पहुंचाई जा सके। इसलिए इसमें देशभर के संत-महात्मा, धर्मगुरु और विद्वान शामिल होंगे इस दौरान वह भजन-कीर्तन के कार्यक्रमों में प्रसिद्ध मंडलियां प्रस्तुति देगीं और भक्तों में भक्ति भावना उजागर होगी। 
बता दें कि देशभर से विभिन्न समुदायों के लोग भी इस आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होते जिस वजह से इस के दौरान एक बहुत बड़ी शक्ति का प्रदर्शन देखने को मिलता है इसमे सर्वधर्म समभाव और मानव सेवा की भावना को दर्शाता है इसके साथ ही बता दें कि मठ के सेवकों और भक्तों में उत्साह देखने को मिल रहे है। 

इस बार समाधि स्थल अक्षरधाम की तर्ज पर किया गया तैयार 

इस बार मंदिर को बहुत ही अनोखे तरीके से सजाया गया है जानकारी के मुबाबिक बाबा मस्तनाथ मठ में समाधि स्थल को इस अक्षरधाम की तर्ज पर बनाया गया है। जो देखने में काफी भव्य दिख रहे है साथ ही लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।  
समाधि स्थल लगभग पूरा हो चुका है इसके साथ ही मठ के चारों तरफ कोरिडोर बनाया गया है यह कोरिडोर करीब एक किलोमीटर तक बनाया गया है। 
  
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