हरियाणा के कला जगत और ग्रामीण राजनीति के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। झज्जर जिले के सरपंचों ने मशहूर हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके पूर्ण बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। सरपंचों में इस कदर गुस्सा है कि उन्होंने गायक को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे अब जिले के किसी भी गांव में अपना कार्यक्रम आयोजित करके दिखाएं।
सरपंचों ने संयुक्त बैठक बुलाई
यह पूरा विवाद मासूम शर्मा की ओर से सरपंच पद को लेकर की गई एक कथित अपमानजनक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि गायक ने अपने व्यवहार और बयानों से गांव के मुखिया की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। झज्जर के विभिन्न गांवों के सरपंचों ने संयुक्त बैठक बुलाई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जो व्यक्ति ग्रामीण प्रतिनिधियों का सम्मान नहीं कर सकता, उसे गांवों में अपनी कला प्रदर्शन का कोई अधिकार नहीं है।
प्रतिनिधियों की दो टूक- मासूम किसी भी एक गांव में प्रोग्राम करके दिखा दें
बैठक के दौरान सरपंचों का लहजा काफी सख्त दिखाई दिया। ग्राम पंचायत पेलपा के सरपंच संदीप सहित कई अन्य प्रतिनिधियों ने कड़े शब्दों में कहा कि सरपंच गांव का चुना हुआ संवैधानिक प्रतिनिधि होता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मासूम शर्मा झज्जर के किसी भी एक गांव में प्रोग्राम करके दिखा दें, फिर उन्हें अहसास कराया जाएगा कि सरपंच की ताकत और पद की अहमियत क्या होती है। सरपंचों का तर्क है कि कलाकार गांवों से ही अपनी पहचान बनाते हैं, लेकिन यदि वे उन्हीं गांवों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का अपमान करेंगे, तो उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूरे झज्जर जिले में लागू होगा निर्णय
सरपंचों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह बहिष्कार किसी एक गांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे झज्जर जिले में प्रभावी होगा। आज इस मुद्दे पर एक और महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी। सरपंचों के अनुसार यह फैसला व्यक्तिगत न होकर सामूहिक है और जिले की हर पंचायत इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगी।
गांवों में बहस छिड़ी
इस कड़े फैसले के बाद झज्जर के गांवों में बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर ग्रामीण समाज का एक बड़ा हिस्सा अपने प्रतिनिधियों के सम्मान की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की सलाह दे रहे हैं। मासूम शर्मा के प्रशंसकों के बीच भी इस खबर से मायूसी है, क्योंकि आने वाले समय में जिले में होने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
महापंचायत और सरपंचों के अगले कदम पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी की नजरें आज होने वाली महापंचायत और सरपंचों के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मासूम शर्मा इस मामले पर कोई माफीनामा जारी करते हैं या फिर यह विवाद हरियाणा की ग्रामीण राजनीति और कला के बीच एक लंबी खींचतान का रूप ले लेगा।
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