हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने 6 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है। इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

Shambhu Border Farmer Protest: हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने 6 दिसंबर को दिल्ली के लिए कूच करने का ऐलान किया है। किसानों का कहना है कि वे दिल्ली जाकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे। इसी को लेकर प्रदेश के पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

जानकारी के मुताबिक, मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना सबका मौलिक अधिकार है। इस पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। बस वहां पर कोई हिंसात्मक घटना घटित न हो, इस बात का ध्यान रखें। मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जहां पर वे प्रदर्शन करना चाहते हैं, वहां के लिए परमिशन ले लें और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें। 

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दिल्ली कूच करने को लेकर क्या बोले किसान नेता सरवण पंधेर

बता दें कि किसान नेता सरवण पंधेर ने 18 नवंबर को चंडीगढ़ में किसानों की बैठक के बाद 6 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इस बार किसान दिल्ली में शांति पूर्ण प्रदर्शन करने की बात कर रहे हैं। नौ महीनों से चुपचाप बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी कारण किसानों ने दिल्ली जाने का फैसला लिया है। किसानों का कहना है कि वे समूह के साथ दिल्ली जाएंगे, लेकिन अपने साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं ले जाएंगे। पंधेर ने सरकार से प्रदर्शन करने के लिए जगह मुहैया कराने की मांग की है।

रामलीला ग्राउंड और जंतर-मंतर पर मांगी जगह

बता दें कि किसान नेता ने रामलीला ग्राउंड और जंतर-मंतर पर किसानों के प्रदर्शन करने के लिए जगह मांगी है। किसान नेता सरवण पंधेर ने दिल्ली कूच करने का ऐलान करते हुए कहा था कि सरकार के पास 06 दिसंबर तक का समय है। अगर सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे और जत्थे के साथ दिल्ली कूच करेंगे। 

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क्या हैं किसानों की मांगे

बता दें कि किसान केंद्र सरकार से कुछ प्रमुख मांगे कर रहे हैं। जिनको लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 

  • सरकार से MSP की गारंटी को लेकर मांग की जा रही है।
  • किसानों के खिलाफ किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं।
  • सरकार किसानों का पूरा कर्जा माफ करें। 
  • किसानों को प्रदूषण कानून से बाहर रखा जाएं।
  • किसानों और खेत मजदूरों को पेंशन दी जाएं।
  • विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाएं।
  • लखीमपुर खीरी वाले मामले में दोषियों को सजा देकर पीड़ित को न्याय दिया जाएं।

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