हरियाणा के फरीदाबाद में एक महिला की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। 20 फरवरी की रात हुई संगीता देवी की हत्या के पीछे की मुख्य वजह उसका नौकरी करना और आत्मनिर्भर बनना सामने आई है। मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि उसका पति दिलीप संगीता के काम करने के सख्त खिलाफ था और इसी रंजिश में उसने हत्या कर दी।
नौकरी को लेकर शुरू हुआ था विवाद
संगीता के छोटे भाई विकास ने पुलिस को बताया कि दिलीप और संगीता के बीच पिछले काफी समय से तनातनी चल रही थी। विवाद की मुख्य जड़ संगीता की नौकरी थी। संगीता 5 महीनों से नोएडा की एक मोबाइल पार्ट्स बनाने वाली कंपनी के पैकेजिंग विभाग में कार्यरत थी। दिलीप चाहता था कि वह घर पर रहे, जबकि घर की आर्थिक स्थिति और बच्चों के भविष्य के लिए संगीता का काम करना बेहद जरूरी था। तीन साल पहले भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच इतना बड़ा झगड़ा हुआ था कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया था।
सरेराह सीने में उतारी दो गोलियां
वारदात वाली रात यानी 20 फरवरी को संगीता नोएडा से अपनी ड्यूटी खत्म करके लौट रही थी। वह पहले अपनी मां से मिलने इस्माइलपुर गई और वहां से जब वह अपने घर सनलाइट कॉलोनी की तरफ पैदल जा रही थी, तभी रास्ते में दिलीप ने उसे घेर लिया। दिलीप पहले से ही संगीता के घर उसे ढूंढने पहुंचा था, लेकिन उसके न मिलने पर वह वापस लौट रहा था। रास्ते में संगीता को देखते ही उसने फिर से नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया। जब संगीता ने विरोध किया, तो दिलीप ने आपा खो दिया और पिस्टल निकालकर संगीता के सीने में दो गोलियां दाग दीं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
प्रेम विवाह का दर्दनाक अंत
संगीता और दिलीप की कहानी 12 साल पहले शुरू हुई थी। विकास के अनुसार दोनों ने करीब 12 साल पहले प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया था। उस समय संगीता अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही थी और घरवाले इस शादी के हक में नहीं थे। दिलीप ने संगीता को अपने झांसे में लिया और घर से भगाकर कोर्ट मैरिज कर ली। शुरुआत में सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे दिलीप का असली चेहरा सामने आने लगा।
बेरोजगार पति और घर की जिम्मेदारी
शादी के कुछ साल बीतने के बाद पेशे से ड्राइवर दिलीप ने काम करना लगभग बंद कर दिया। घर का पूरा खर्च और दो छोटी बेटियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी संगीता के कंधों पर आ गई। दिलीप न केवल आर्थिक मदद करने से कतराता था, बल्कि वह अक्सर संगीता के साथ मारपीट भी करता था। मारपीट की शिकायत एक बार पुलिस में भी दी गई थी, लेकिन तब दिलीप ने माफी मांग ली और परिवार ने बेटियों के भविष्य को देखते हुए मामला खत्म कर दिया।
तीन साल से चल रहा था तलाक का केस
लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर संगीता पिछले 3 साल से दिलीप से अलग रह रही थी। वह अपनी 11 साल और 5 साल की दो बेटियों के साथ सनलाइट कॉलोनी में रह रही थी। उसने दिल्ली के साकेत कोर्ट में तलाक के लिए मुकदमा भी दायर कर रखा था। दिलीप इस बात से भी चिढ़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि वह कोर्ट की तारीखों पर भी नहीं पहुंचता था।
आरोपी फरार
पल्ला थाना पुलिस ने इस मामले में मृतका के परिजनों की शिकायत पर आरोपी दिलीप और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की कई टीमें भी गठित की गई हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन घटना के बाद से ही दिलीप भूमिगत है।
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