हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन हंगामे और तीखी नोकझोंक के नाम रहा। सत्र की शुरुआत होते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच वृद्धावस्था पेंशन के मुद्दे पर जबर्दस्त टकराव देखने को मिला। कांग्रेस विधायकों ने जहां सदन के बाहर पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया, वहीं सदन के भीतर मुख्यमंत्री नायब सैनी और कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
शीशपाल और कृष्ण बेदी में भिड़ंत
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कालांवाली से कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने पेंशन के आंकड़ों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सीधा सवाल किया कि वेरिफिकेशन के नाम पर राज्य में कितने बुजुर्गों की पेंशन रोकी गई है। विधायक ने 2024 के बाद के आंकड़े और पेंशन रोकने के पैमाने पर स्पष्टीकरण मांगा।
इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने पलटवार करते हुए बताया कि पेंशन काटी नहीं गई है, बल्कि नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी की गई है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि मृत्यु के मामलों (Death Cases) के कारण 78 हजार पेंशन बंद हुई हैं, जबकि करीब 5 हजार लोग जांच में अपात्र पाए गए। बेदी ने स्पष्ट किया कि कई महिला लाभार्थियों की पेंशन अब विधवा पेंशन से वृद्धावस्था पेंशन में परिवर्तित हुई है। इस दौरान विधायक और मंत्री के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें मंत्री ने कहा कि जनता को गुमराह करने वालों को 'तसल्ली' दिलाना जरूरी है।
सीएम सैनी ने कहा- विपक्ष ने फैलाया झूठ का जाल
बहस के बीच हस्तक्षेप कर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने बुजुर्गों के बीच पेंशन कटने की अफवाह फैलाकर "पाप" किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार पेंशन की राशि बढ़ाकर बुजुर्गों का सम्मान कर रही है न कि उसे काट रही है। सीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत की जांच करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है और वर्तमान में कोई भी जायज पेंशन रोकी नहीं गई है।
कांग्रेस का पैदल मार्च, हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा तक प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही से पहले ही सियासी पारा चढ़ चुका था। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने एमएलए हॉस्टल से विधानसभा भवन तक पैदल मार्च निकाला। विधायक अपने हाथों में पोस्टर और बैनर लिए हुए थे, जिन पर पेंशन बहाली और अन्य सरकारी नीतियों के खिलाफ नारे लिखे थे। कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे जनविरोधी सरकार करार दिया।
विनेश फोगाट ने कहा- मंत्री जी तालाब में तैर कर दिखाएं
जुलाना से विधायक और पहलवान विनेश फोगाट ने खेल सुविधाओं के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने रामराय गांव में स्विमिंग पूल निर्माण की मांग उठाते हुए खेल मंत्री गौरव गौतम से पूछा कि जमीन दान में मिलने के बावजूद वहां पूल क्यों नहीं बनाया जा रहा?
जब मंत्री ने इसे 'अव्यवहारिक' बताया और पास के स्टेडियम का हवाला दिया, तो विनेश ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि बच्चे गंदे तालाबों में अभ्यास करने को मजबूर हैं जिससे उन्हें त्वचा संबंधी बीमारियां हो रही हैं। विनेश ने मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि मंत्री जी मेरे साथ चलें और उस तालाब को तैर कर पार करें। अगर उन्हें अस्पताल में भर्ती न होना पड़े, तो मैं अपनी मांग छोड़ दूंगी।
भ्रष्टाचार और अधूरे प्रोजेक्ट्स पर घेराबंदी
बजट सत्र के दौरान अन्य विधायकों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया:
• अशोक अरोड़ा का घोटाला आरोप : कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने रोहतक की एक कंपनी के ई-ऑक्शन में बड़े घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 300 करोड़ की वैल्यू वाली कंपनी को महज 25 करोड़ में कौड़ियों के भाव बेच दिया गया। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
• महम में जलभराव : विधायक बलराम दांगी ने महम क्षेत्र में 102 करोड़ की पाइपलाइन परियोजना की स्थिति पर सवाल उठाए, जो बाढ़ और जलभराव के समाधान के लिए बनाई गई थी।
• गोहाना बाईपास : मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि जमीन की कीमतों में अत्यधिक बढ़ोतरी की मांग के कारण गोहाना बाईपास का काम अटका हुआ है। किसान बाजार दर से कई गुना ज्यादा मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
• मूनक पीएचसी : विधायक योगेंद्र राणा के सवाल पर मंत्री आरती राव ने स्वीकार किया कि मूनक प्राइमरी हेल्थ सेंटर का काम एजेंसी के साथ विवाद और कोर्ट केस के कारण लटका हुआ है, जिसे जल्द शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
लगते रहे आरोप-प्रत्यारोप
हरियाणा बजट सत्र का यह दिन पूरी तरह से आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में रहा। जहां सरकार अपनी उपलब्धियों और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बता रही है, वहीं विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और जनता को प्रताड़ित करने का जरिया मान रहा है। पेंशन, खेल सुविधाएं और कथित घोटाले ऐसे मुद्दे रहे जिन्होंने सदन की गरमाहट को चरम पर पहुंचा दिया।










