हरियाणा के जींद में होटल में बिजली का कनेक्शन देने की एवज में जेई व एजेंट को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगे हाथ काबू किया। एसीबी टीम ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।

Jind: भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोमवार को होटल का बिजली कनेक्शन लेने की एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते जेई तथा एजेंट को काबू किया। एजेंट पर आरोप है कि उसने बिजली निगम उचाना के जेई के कहने पर रिश्वत राशि ली है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने एजेंट तथा जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

बिजली कनेक्शन के एवज में मांगी थी रिश्वत

गांव छात्तर निवासी जैकी उर्फ जोनी ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी शिकायत में बताया कि उसका गांव में होटल है। होटल के लिए उसे बिजली का कमर्शियल कनेक्शन लेना था, जिसकी एवज में उचाना बिजली निगम का जेई गांव बिचपुरी सोनीपत निवासी सुरेशचंद्र खासा 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी कमलजीत के नेतृत्व में छापामार दल का गठन किया। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए नायब तहसीलदार प्रतीक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्त किया। टीम ने शिकायतकर्ता को 20 हजार के नोट ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित करवा कर दिए। शिकायतकर्ता ने जेई से संपर्क साधा तो उसने गांव छात्तर निवासी जयभगवान उर्फ नन्हा से मिलने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने उसकी वॉयस रिकार्डिंग भी कर ली। शिकायतकर्ता ने बताए गए स्थान पर जयभगवान को रिश्वत की राशि सौंपी तो इशारा मिलते ही छापामार दल ने जयभगवान को काबू कर लिया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद हो गई। पुलिस पूछताछ में जयभगवान ने बताया कि उसने जेई सुरेश चंद्र के कहने पर रिश्वत राशि ली है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने जेई सुरेश चंद्र खासा व एजेंट जयभगवान को गिरफ्तार कर लिया है।

एएसआई 5500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

हिसार में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मिलगेट थाना में तैनात एएसआई अजय कुमार को 5500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इससे पहले वह शिकायतकर्ता से तीन हजार रुपए ले चुका था। उस पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया और कल अदालत में पेश किया जाएगा। शिकायतकर्ता के अनुसार एएसआई अजय ने फोन करके नवीन को बुलाया और कहा कि उस पर केस दर्ज होगा और अंदर भी जाना पड़ेगा। यदि वह बचना चाहता है तो 10 हजार रुपए दे। नवीन ने कहा कि फिलहाल उसके पास तीन हजार रुपए है, बाकी रुपए वह बाद में दे देगा। सुरेन्द्र की शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू किया।