Gurugram Robotics Company Fraud: गुरुग्राम में रोबोटिक्स कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर 18 करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोप में शख्स गिरफ्तार। कोर्ट ने आरोपी को 2 दिन पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

Gurugram Robotics Company Fraud Case: गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW)-II ने बड़ी कार्रवाई करते हुए  रोबोटिक्स व ऑटोमेशन से जुड़ी कंपनी घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने फरीदाबाद के शख्स को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार शख्स पर आरोप लगाया गया है कि उसने कंपनी के दूसरे कर्मियों के साथ मिलकर 8 सालों तक फर्जी वेंडर और नकली बिलों के माध्यम से करीब 18.5 करोड़ रुपये का घोटाला किया है।   

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 37 साल के गौरव ढींगरा के तौर पर हुई है। आरोपी NIT फरीदाबाद का रहने वाला है। पुलिस ने यह कार्रवाई सेक्टर-37 थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर की है। बताया जा रहा है कि Kawasaki Robotics Private Limited के प्रतिनिधि ने इस मामले की शिकायत मई 2025 में दी थी। यह कंपनी गुरुग्राम के खांडसा क्षेत्र में है, जो रोबोटिक्स और ऑटोमेशन से जुड़ी सेवाएं देती है।  

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि  2015 से 2023 के बीच कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए काल्पनिक वेंडर बनाए। फिर फर्जी इनवॉइस तैयार किए , बिना किसी सेवा के  करोड़ों रुपये  अपने या अपने सहयोगियों के बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराए। जांच के वक्त  EOW-II ने तकनीकी सहायता और पुलिस डेटाबेस की मदद से संदिग्ध लेनेदेने का पता लगा लिया। 

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आरोपियों ने फेक फर्म बनाई

पुलिस का कहना है कि करोड़ों रुपये ‘ढींगरा एंटरप्राइजेज’ से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे। पूछताछ में सामने आया कि ढींगरा ने कंपनी के कर्मचारी लविश के साथ मिलकर ‘ढींगडा एंटरप्राइज’ नाम से फेक फर्म बनाई और 3 बैंक खाते खुलवा लिए।

लविश ने कंपनी में वेंडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराई, जिससे भुगतान सीधे फर्जी खातों में जाता रहा। इस घोटाले में ढींगरा को करीब 5 लाख रुपये मिले। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 2 दिन की रिमांड हासिल की है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ करके ठगी की रकम का पता लगाने और दूसरे आरोपियों के बारे में पता लगाया जाएगा।  

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