Delhi Investment Fraud Gang: दिल्ली के साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में साइबर पुलिस ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इसा मामले में 5 शातिर साइबर अपराधियों को अरेस्ट कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी इन्वेस्टमेंट की आड़ में लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी किया करते थे।
जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला 4 सितंबर 2025 का है, पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता अरुणाचल प्रदेश का रहने वाला है, अभी वह दिल्ली में रह रहा था। शिकायत में पीड़ित ने बताया कि उसे नेक्स्ट बिलियन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक फेक कंपनी के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश का झांसा दिया गया था।
आरोपियों ने पीड़ित को कैसे लगाया चूना ?
पीड़ित ने आरोप लगाया था कि परिणीति जैन नाम की महिला और उसके साथियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क करके उसे मोटे मुनाफे का लालच दिया गया था। इस झांसे में आकर पीड़ित ने करीब 12 लाख 22 हजार 670 रुपये इन्वेस्ट कर दिए थे। लेकिन बाद में पीड़ित को पता चला कि पूरी कंपनी फर्जी थी और उसके साथ ठगी हुई है।
#WATCH | Delhi: Addl DCP, South-West Vikas Meena says, "The Cyber Police Station of the South-West District has busted an investment fraud syndicate involving a total fraudulent amount of Rs 12,22,670. The complainant lodged a complaint on the NCRP portal on September 4, 2025,… https://t.co/rU0JxClfa1 pic.twitter.com/5d9qwVNe18
— ANI (@ANI) March 28, 2026
पुलिस ने की छापेमारी
मामले की गंभीरता के देखते हुए साइबर थाना, साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टेक्निकल सर्विलांस, मनी ट्रेल और डिजिटल विश्लेषण के माध्यम से पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन महाराष्ट्र में ट्रेस की। इसके बाद टीम ने महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में रेड करके मुख्य आरोपी श्रीधर दिलीप इंगले को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसके आधार पर बाकी 4 आरोपियों अर्चिर्यान कांबले, अजीज शेख, प्रणव गुलदगड़ और विशाल बछाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया था कि पूरा गिरोह म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था। ये गिरोह अलग-अलग लोगों के बैंक खाते हासिल कर उन्हें साइबर ठगों को कमीशन पर उपलब्ध कराते थे। इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम इधर-उधर ट्रांसफर कर दी जाती थी। ताकि पुलिस की गिरफ्त से बचा जा सके। इस नेटवर्क का एक सदस्य दुबई में बैठा चैतन्य भी बताया जा रहा है,जो इस पूरे रैकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चला रहा था।
6 मोबाइल फोन और 35 बैंक खातों जानकारी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन और 35 बैंक खातों का विवरण बरामद किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के फ्रॉड को अंजाम दिया गया। इसके अलाला एनसीआरपी पोर्टल पर इस गिरोह से जुड़ी 18 शिकायतें भी सामने आई हैं। फिलहाल मामले की गहनता से जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।










