दिल्ली क्राइम ब्रांच के मुताबिक, अभी तक की जांच से पता चला है कि इस गिरोह ने 9 लोगों को शिकार बनाया है। अगर पूर्व आर्मी ऑफिसर ने शिकायत नहीं की होती तो पीड़ितों की संख्या ज्यादा हो सकती थी।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हनीट्रैप मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महिला आरोपी की उम्र 44 वर्ष है, जो कि दरियागंज की रहने वाली है। वहीं उसके सहयोगी की पहचान यशदेव सिंह चौहान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यशदेव सिंह कड़कड़डूमा कोर्ट में एक वकील का क्लर्क है, लेकिन वह खुद को वकील बताकर लोगों को हनीट्रैप में फंसाता और ठगी करता। 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों ने एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर समेत 9 लोगों को इसी तरह से हनीट्रैप में फंसाकर लूटा है। इन दोनों की पोल तब खुली, जब रिटायर्ड आर्मी अधिकारी ने उनके दबाव में आने की बजाए अदालत की शरण ली। शिकायकर्ता ने बताया कि आरोपी महिला ने सोशल मीडिया पर संपर्क किया और खुद को प्रोफेशनल सर्विस देने वाली बताकर उनके उपन्यास के प्रमोशन का झांसा दिया। बाद में पैसों के लेन देन को लेकर विवाद हुआ और महिला ने उसके खिलाफ दुष्कर्म और अन्य धाराओं में केस दर्ज करा दिया। मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 

सुप्रीम कोर्ट ने तमाम तथ्यों के बाद 25 फरवरी 2025 को मुकदमा निरस्त कर दिया। सर्वोच्च न्यायलय ने कहा कि यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। साथ ही, जांच के भी आदेश दिए। 

पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की तो पता चला कि यह महिला एक कथित वकील के साथ मिलकर हनीट्रैप गिरोह चला रही थी। अभी तक आरोपी महिला द्वारा अलग-अलग थानों में दर्ज कराए गए 9 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें तीन मामले दुष्कर्म और छह मामले छेड़छाड़ और धमकी से जुड़े थे। पीड़ितों के बयान दर्ज किए तो पता चला कि आरोपी किस तरह से लोगों को फंसाते थे। बहरहाल, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।