दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले को सख्त चेतावनी दी है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और रविंदर दुदेजा की खंडपीठ ने चेताया है कि अगर अगली सुनवाई में व्यक्ति तौर पर पेश नहीं हुए तो दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। यही नहीं, माननीय उच्च न्यायालय ने इस मामले में अधिवक्ता अमित जॉर्ज को अदालती सलाहकार नियुक्त कर दिया है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अदीश्वर सिंघल के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला चल रहा है। उनके खिलाफ कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात जिला न्यायाधीश के संदर्भ में पिछले साल अदीश्वर सिंघल के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू हुई थी। अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, 9 अप्रैल 2025 को अदीश्वर सिंघलने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए और अदालती कार्यवाही के बीच न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पण की।
जब उन्हें चेतावनी दी और रोकने का प्रयास किया तो और भी उग्र हो गए और लगातार आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते रहे। इस पर उच्च न्यायालय ने उन्हें 23 मार्च 2025 को अदालत की अवमानना की कार्यवाही के तहत नोटिस जारी किया और 1 अगस्त 2025 को कोर्ट के समक्ष पेश होने का आदेश दिया।
इसके बावजूद अदीश्वर सिंघल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए, हालांकि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई। जब उनसे उनका एड्रेस और न आने की वजह बताई तो बताने से साफ इनकार कर दिया। यहां तक कि अदालती कार्यवाही को बेवकूफी भरी कार्यवाही बता दिया और कहा कि ऐसी कार्यवाही का सामना नहीं करेंगे।
इसके बाद अदीश्वर सिंघल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया, लेकिन 8 जनवरी 2026 को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की तो पुलिस ने बताया कि सिंघल देश छोड़कर चले गए हैं। इसके बाद 19 दिसंबर को सुनवाई हुई तो सिंघल दोबारा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए और अदालत के प्रति धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया।
अब दिल्ली हाईकोर्ट ने अदीश्वर सिंघल को अंतिम चेतावनी दी है। अदालत ने कहा कि न्यायालय ने शारीरिक रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया, लेकिन हमारे निर्देशों के बावजूद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए। यद्यपि वे कार्यवाही में आभासी रूप में शामिल हुए और कोर्ट को धमकी दी। हम इस पर कड़ी आपत्ति जताते हैं। कोर्ट ने प्रतिवादी को चेतावनी दी कि कोर्ट में पेश न होना अवमानना के समान होगा। हाईकोर्ट ने अगली तिथि पर न्यायालय के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। कहा कि अगर पेश नहीं होते तो दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। पीठ ने मामले के लिए 23 मार्च की तिथि तय की है।









