छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दोनो सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस की ओर से महिला प्रत्याशियों लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी ने नामांकन दाखिल कर दिया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ से दो महिलाएं राज्यसभा में जाने वाली हैं। इनमें से लक्ष्मी वर्मा को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है वहीं फूलो देवी को कांग्रेस ने फिर से राज्यसभा में भेजने का निर्णय लिया है। नामांकन दाखिले के अंतिम दिन गुरुवार 5 मार्च को दोनो उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामंकन दाखिल किए। 

विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दोनो प्रत्याशियों ने नामांकन अपनी-अपनी पार्टी के बड़े नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। लक्ष्मी वर्मा पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचीं, वहां उन्होंने स्मृति मंदिर में माल्यार्पण किया। वहां से सीएम साय और प्रदेश भाजपाध्यक्ष किरण देव और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ विधानसभा पहुंचीं और नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पार्टी के सांसद, मंत्री, विधायक भी मौजूद रहे।

प्रदेश भाजपाध्यक्ष किरण देव और सीएम साय के साथ लक्ष्मी वर्मा

छत्तीसगढ़ के हितों को दिल्ली में मजबूती से रखूंगी : लक्ष्मी वर्मा 
नामांकन से पहले लक्ष्मी वर्मा ने केंद्रीय नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, एक सामान्य कार्यकर्ता को केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ा अवसर दिया है। लंबे समय से महिलाओं को सशक्त बनाने का काम भारतीय जनता पार्टी करती आ रही है। उन्होंने कहा कि, क्षेत्र के विकास के लिए मैंने एक पार्षद के रूप में भी काम किया, महिलाओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए काम किया। आज भी मैं खुद कपड़े सिलकर ही पहनना पसंद करती हूं। इन कामों को राष्ट्रीय नेतृत्व ने सम्मान दिया, बड़ा अवसर दिया, अब छत्तीसगढ़ के हितों को दिल्ली में मजबूती से रखने का प्रयास होगा। महिलाओं को और सशक्त बनाने के लिए काम करूंगी।  

दोबारा मौका मिलने पर फूलो देवी ने जताया पार्टीजनों का आभार
उधर कांग्रेस से राज्यसभा प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम भी अपने बंगले से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ निकलीं। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा- मुझे एक बार फिर मौक़ा दिया गया है, मैं सभी का धन्यवाद करती हूं। एक कार्यकर्ता के रूप में काम किया है, जब भी सदन में बोलने का मौक़ा मिला प्रदेश और पार्टी के लिए आवाज़ उठाई, आगे भी इसी निष्ठा के साथ काम करूँगी। उन्होंने कहा कि, आने वाले वक़्त में महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा पार ख़ासा फोकस रहेगा, बस्तर को आगे बढ़ते देखना है।