जमानत के बाद पहली बार कवासी लखमा ने राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर सदन में अपनी बात रखी। नक्सलवाद के खात्मे को लेकर सरकार को बधाई दी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी है। बुधवार को जमानत के बाद पहली बार कवासी लखमा ने राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर सदन में अपनी बात रखी। नक्सलवाद के खात्मे को लेकर सरकार को बधाई दी। 

कोंटा विधायक कवासी लखमा ने कहा कि, बस्तर का जंगल बचेगा कि नहीं इसलिए परेशान भी हैं। बैलाडीला और अबूझमाड़ बचेगा कि, नहीं सोच रहे हैं। अगर जंगल है तो हमारा जीवन है, हम सभी ये मानते हैं। बस्तर में पंडुम के नाम पर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है और आदिवासी को आदिवासी से लड़ाने का काम हो रहा है। 

लखमा को विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होने की अनुमति
स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने दी जानकारी कि, कवासी लखमा को बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति होगी। उन्होंने बताया कि, महाधिवक्ता छत्तीसगढ़ से अभिमत प्राप्त किया गया है। उनके अभिमत के बाद शर्तों के आधार पर अनुमति दी गई है। कोंटा विधायक कवासी लखमा को आगमन और प्रस्थान की सटीक सूचना देनी होगी। उन्हें अपने सक्रिय मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी।  

भाषण ना देने की शर्त रहेगी लागू
डा. रमन ने बताया कि, भाषण न देने की सुप्रीम कोर्ट की शर्त का पालन कवासी लखमा को करना होगा। डा. रमन ने बताया कि, उनकी उपस्थिति उन्हीं दिनों होगी जब सत्र चल रहा होगा। उनके ऊपर चल रहे प्रकरण पर वे विधानसभा में वक्तव्य नहीं दे सकते। अन्य विषयों या क्षेत्र के संबंध में मांग उठा सकते हैं।