छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में मिशन मोड पर काम करते हुए प्रतिदिन 1500-1600 ग्रामीण आवास बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड बनाया।

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 के दौरान इस योजना को मिशन मोड में संचालित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप राज्य ने ग्रामीण आवास निर्माण में देशभर में सबसे तेज प्रगति दर्ज की है। केवल 10 महीनों में 5 लाख से अधिक आवासों के निर्माण की उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।

उद्देश्य और प्रारंभिक स्थिति
प्रधानमंत्री आवास योजना का ग्रामीण घटक PMAY-G वर्ष 2016 में पुनर्गठित रूप में लागू किया गया था, जिसका लक्ष्य वर्ष 2024 तक 'सबके लिए आवास' सुनिश्चित करना था। मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख तथा दुर्गम/नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की वित्तीय सहायता के साथ मनरेगा मजदूरी एवं शौचालय निर्माण की सहायता भी प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ को योजना के शुरुआती चरण में 8.46 लाख आवासों की स्वीकृति मिली, लेकिन पूर्व वर्षों में निर्माण की गति अपेक्षाकृत धीमी रही, विशेषकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक चुनौतियों और मॉनिटरिंग की कमी के कारण प्रगति बाधित हुई।

दिसंबर 2023 के बाद साय सरकार की तेज रफ्तार
दिसंबर 2023 में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीण आवास निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया। 2024-25 में राज्य प्रशासन ने जिला एवं पंचायत स्तर पर दैनिक समीक्षा, साइट विज़िट, DBT के तहत त्वरित भुगतान और सामग्री आपूर्ति की मॉनिटरिंग को मजबूत किया। इस संगठित प्रयास का परिणाम यह रहा कि लगभग 10 महीनों में 5 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया जिसमें प्रतिदिन 1500-1600 मकानों की पूर्णता शामिल है। यह उपलब्धि देश में सर्वाधिक है और छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल करती है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विशेष पहल और सकारात्मक बदलाव
बस्तर संभाग और अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में निर्माण सामग्री की उपलब्धता, सुरक्षा प्रबंधन और तकनीकी सहायता को प्राथमिकता दी गई। राज्य सरकार ने आत्मसमर्पित और नक्सल हिंसा प्रभावित 2500 से अधिक परिवारों को आवास एवं पुनर्वास सहायता प्रदान की, जिससे सामाजिक एकीकरण और स्थायी पुनर्वास को गति मिली। 

लखनपुर, सरगुजा- शिव शंकर का जीवन बदला
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत निवासी शिव शंकर को पक्का मकान मिलने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया। पहले वे जर्जर कच्चे घर में परिवार सहित कठिन परिस्थितियों में रहते थे, विशेषकर बरसात में काफी परेशानी होती थी। योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने पर उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ और अब वे सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

डबरी, कबीरधाम- श्याम बाई को मिली सुरक्षा और सम्मान
कबीरधाम जिले के ग्राम डबरी निवासी श्याम बाई को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिला, जिससे उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। पहले वे जर्जर कच्चे मकान में असुरक्षा के बीच रहते थे। योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुई और निर्धारित समय में आवास पूर्ण हुआ। साथ ही, उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य योजनाओं का भी लाभ मिला, जिससे उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सशक्त हुआ।

सेमरा, जांजगीर-चांपा- सुखबाई खुटे का संबल बना PMAY-G
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सेमरा की सुखबाई खुटे के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सम्मान और सुरक्षा का आधार बनी। पति के निधन के बाद आर्थिक कठिनाइयों में जीवन यापन कर रहीं सुखबाई जर्जर कच्चे मकान में बेटे के साथ रहती थीं। योजना के तहत स्वीकृति और आर्थिक सहायता मिलने से उनका पक्का घर बन सका। अब वे सुरक्षित वातावरण में सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं और योजना को अपने जीवन में खुशहाली लाने वाला महत्वपूर्ण सहारा मानती हैं।

देवीपुर, सूरजपुर- नीरावती को मिला स्थायित्व और आत्मनिर्भरता का अवसर
सूरजपुर जिले के ग्राम देवीपुर की नीरावती को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान आया। पहले वे जीर्ण-शीर्ण कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में रहती थीं और आर्थिक कमजोरी के कारण पक्का घर बनवाना संभव नहीं था। शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता और पंचायत के सहयोग से उनका सपना साकार हुआ। इस योजना ने उन्हें केवल घर ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन का अवसर भी प्रदान किया।

साय सरकार की कार्यशैली का असर
साय सरकार ने योजना क्रियान्वयन में कई सुधार लागू किए-

  • ग्राम पंचायत स्तर पर दैनिक मॉनिटरिंग
  • आवास प्लस के तहत पात्रता का अद्यतन सत्यापन
  • स्वीकृति के तुरंत बाद चरणबद्ध किस्तों का DBT
  • भू-अभिलेख सत्यापन को सरल बनाकर निर्माण में तेजी
  • नक्सल जिलों में विशेष लॉजिस्टिक सहायता

इन सुधारों ने आवास निर्माण को नई गति दी और हजारों परिवारों को कच्चे घरों से पक्के आवासों में स्थानांतरित किया।

छत्तीसगढ़ में PMAY-G की नई पहचान
समग्र तौर पर, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने हाल के वर्षों में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली, नियमित समीक्षा और जमीनी क्रियान्वयन पर फोकस ने राज्य को देश में सबसे तेज़ आवास निर्माण करने वाले राज्यों की सूची में शीर्ष पर पहुँचा दिया है। यह उपलब्धि न केवल शासन की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि लाखों ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आवास प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।