एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में माओवादी हिंसा की एक और गंभीर घटना सामने आई है। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों ने एक आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान जग्गू उर्फ जयराम कोमती गावड़े के रूप में हुई है, जिन्होंने वर्ष 2017 में हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की थी।
जानकारी के मुताबिक, जयराम और उनकी पत्नी रासो उर्फ देवे जुरूपुंगती वर्ष 2007 से भामरागढ़ दलम में सक्रिय थे। दोनों ने 7 जुलाई 2017 को गढ़चिरौली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद वे खेती-किसानी कर शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गुरुवार आधी रात कुछ सशस्त्र लोग उन्हें सीमावर्ती गांव अरेवारा स्थित उनके घर से जबरन उठा ले गए।
बताया जा रहा है कि आरेवाड़ा-हिदुर रोड पर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास उनकी हत्या कर दी गई और शव सड़क किनारे फेंक दिया गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे माओवादी वारदात बताया है। अधिकारियों का कहना है कि मृतक पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन जी रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।










