खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं। खेतों को गड्ढों में तब्दील कर दिया गया है। पेड़ों को भी नहीं छोड़ा गया है।

जीवानंद हलधर/जगदलपुर- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं। शहर से लगे गांव में बिना भय से मुरुम खनन का काम बेधड़क कर रहे हैं। पंचायत के बिना अनुमति के खनन कर खेतों को गड्ढों में तब्दील कर दिया गया है। खनन इस प्रकार किया गया है कि, खेतो में स्थित बड़े-बड़े पेड़ों को भी नहीं छोड़ा गया है। पेड़ के चारों तरफ इतना खनन किया गया है कि, पेड़ तेज आंधी-तूफान में कभी भी धराशाई हो सकते हैं। 

8 से 10 फीट गड्ढा कर दिया

बिलोरी पंचायत में कुछ किसानों की भूमि को समतलीकरण के नाम से खनन शुरू किया गया है और 3 महीने तक जबरदस्त खनन चल रहा है। पूरे खेतो में 8 से 10 फीट गड्ढा कर दिया गया है। वहीं बारीश के पहले किये गए गड्डों से मवेशी या आम लोग गिर सकते हैं। या फिर कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। इलाके के सरपंच का भी मानना है कि, जो खनन किया गया है, वो जरुरत से ज्यादा कर दिया गया है और लगातार खनिज विभाग के अधिकारि भी यहां के चक्कर लगा रहे हैं। 

अधिकारी अनजान बने हुए हैं 

कितना खनन होना है और कितना हो गया है। इस बात को पता करने के लिए खनिज विभाग के अधिकारी आते हैं। लेकिन वे अनजान बने हुए हैं और मौके पर जाकर देखने की बात कह रहे हैं। यानी विभाग की मिलीभगत से ये सब काम हो रहा है या फिर ये लोग किसी घटना के होने का इंतजार कर रहे हैं!