कुश अग्रवाल- बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले का प्रसिद्ध बारनवापारा अभ्यारण्य इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए भी खास आकर्षण बना हुआ है। चौत्र नवरात्रि के अवसर पर घने जंगलों के बीच भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिल रही है।
वहीं एक तरफ जहां पहाड़ी पर स्थित जगत जननी माता शेरावाली का तुरतुरिया वन क्षेत्र में पहाड़ा वाली मां के दरबार में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर बलौदा बाजार जिले का तुरतुरिया धाम भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। यहां माता रानी महा काली के रूप में विराजमान है। पहाड़ा वाली मां के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
बलौदा बाजार जिले का प्रसिद्ध बारनवापारा अभ्यारण्य इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए भी खास आकर्षण बना हुआ है। चौत्र नवरात्रि के अवसर पर घने जंगलों के बीच भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिल रही है। @BalodaBazarDist pic.twitter.com/qEEeC56pB0
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 26, 2026
बैंबू पिट वाइपर सांप श्रद्धालुओं के बड़ा आक्रर्षण का केन्द्र
दूसरे छोर पर आदिवासी समाज की कुलदेवी सिंघा धुर्वा गढ़ की गुफा पर मां चांदा दाई विराजित है। गुफा में आस्था की ज्योत निरंतर प्रज्वलित रहती है। खास बात यह है कि, मुख्य गुफा में प्रतिदिन दिखाई देने वाला हरे रंग का सांप (बैंबू पिट वाइपर) श्रद्धालुओं के बीच रहस्य और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। यह सांप किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता, जिसे लोग देवी की कृपा मानते हैं। घने वन और पहाड़ियों के बीच स्थित इस मंदिर में आज हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी है।
1100 से अधिक मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए
तुरतुरिया में माता के दरबार की विशेष मान्यता है। यहां करीब 1100 से अधिक मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं, जो भक्तों की अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक हैं।
अष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंच रहे हैं।








