गौरव श्रीवास्तव- कांकेर। नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन नजदीक आते ही नक्सलियों के सबसे बड़े नेता देवजी और संग्राम के सरेंडर के बाद अब बचे हुए नक्सलियों में भी आत्म समर्पण को होड़ देखी जा रही है। कांकेर जिले में दो दिनों में तीन नक्सलियों के आत्म समर्पण किया है, जिसमें दो डीवीसीएम रैंक के नक्सली शामिल है, जिन पर 8-8 लाख ईनाम घोषित था।
मिली जानकारी के अनुसार, जिले में इसके बाद अब 21 नक्सली शेष बचे है, जिसके लीडर चंदर और रूपी के सरेंडर को लेकर पुलिस की नजरें टिकी हुई है, क्योंकि ये दो नक्सल नेता अगर सरेंडर करते है, तो शेष बचे नक्सलियों के सरेंडर में वक्त नहीं लगेगा।
AK 47 हथियार के साथ आत्म समर्पण
24 फरवरी की रात छोटे बेतिया थाना में डीवीसीएम रैंक के नक्सली मल्लेश ने AK 47 हथियार के साथ आत्म समर्पण किया है, जिसके साथ पार्टी सदस्य रानू पोडियम ने भी समर्पण किया है। वहीं इसके अगले ही दिन 25 की रात एक और डीवीसीएम रैंक की नक्सली मासे बारसा ने भी AK 47 हथियार के साथ आत्म समर्पण किया है। बताया जा रहा है कि दोनों ही डीवीसीएम रैंक के नक्सली 2002 से नक्सल संगठन में सक्रिय थे और कई बड़े वारदात में शामिल रहे है।
कांकेर एसपी की ने नक्सलियों से की अपील
एसपी कांकेर निखिल राखेचा ने बताया कि, अब कांकेर जिले में 21 नक्सली शेष बचे है। उन्होंने कहा कि, शेष बचे नक्सलियों से वो अपील करते है कि वो भी जल्द ही हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्म समर्पण कर दे, यदि कोई भी नक्सली आत्म समर्पण के लिए संपर्क करता है तो उसे पूरी सुरक्षा के साथ जंगलों से बाहर लाया जाएगा और हर सम्भव मदद भी की जाएगी। पुलिस ने नक्सलियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9479194119 जारी करते हुए बताया कि, नक्सली किसी भी माध्यम से इस नंबर पर संपर्क कर आत्मसमर्पण के लिए आ सकते है।