राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अमलतास पुरम स्थित सामुदायिक भवन में रविवार दोपहर आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

उमेश सिंह बशिस्ट- धमतरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अमलतास पुरम स्थित सामुदायिक भवन में रविवार दोपहर आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित नागरिकों की उपस्थिति रही। जहां संघ के विचार, कार्यपद्धति और आगामी संकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा थे, जबकि अध्यक्षता जिला सह संघचालक जितेंद्र यदु ने की।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रांत संघचालक छत्तीसगढ़ टोपलाल वर्मा ने अपने संबोधन में संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके मूल उद्देश्य और वर्तमान भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन स्थापित संघ आज विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन चुका है, जिसका मूल आधार व्यक्ति निर्माण और समाज संगठन है। उन्होंने कहा कि संघ को समझने के लिए उसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और विचारों को जानना आवश्यक है, जिन्होंने राष्ट्र को संगठित करने का सपना देखा था।

स्वयं सेवक हर परिस्थिति में समाज की सेवा के लिए रहते हैं तत्पर 
श्री वर्मा ने कहा कि संघ की शाखा पद्धति के माध्यम से सामान्य व्यक्ति में अनुशासन, सेवा, राष्ट्रभक्ति और समर्पण जैसे गुणों का विकास किया जाता है। यही कारण है कि संघ के स्वयंसेवक हर परिस्थिति में समाज के लिए तत्पर रहते हैं, चाहे वह आपदा का समय हो या सामाजिक सेवा का कोई कार्य। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में हजारों सेवा कार्य संघ के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन प्रमुख हैं। अपने उद्बोधन में उन्होंने शताब्दी वर्ष के अवसर पर निर्धारित “पंच परिवर्तन” के विषयों का भी उल्लेख किया। इनमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व-आधारित जीवन और नागरिक कर्तव्यबोध शामिल हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि इन पांच विषयों को जीवन में अपनाकर एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्य वक्त ने संघ के कार्यों की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भी संघ के कार्यों की सराहना करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। गोष्ठी के दौरान संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संघ का उद्देश्य समाज को संगठित कर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाना है, जिसके लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम देशभक्ति और संगठन के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

ये वरिष्ठ लोग रहे उपस्थित 
इस अवसर पर नगर संघचालक रामलखन गजेंद्र, नगर सह संघचालक महेश शर्मा, धमतरी खंड संघचालक राधेश्याम साहू, धमतरी खंड सह संघचालक रामजी साहू, विभाग शारीरिक प्रमुख गौतम साहू, प्रांत सह सेवा प्रमुख मोहनलाल साहू, राजिम विभाग सह कार्यवाह घनश्याम साहू, जिला कार्यवाह धनेश्वर निर्मलकर, जिला सेवा प्रमुख दुर्गेश साहू, जिला सामाजिक सद्भाव प्रमुख शशांक कृदत्त, जिला संपर्क प्रमुख राजकुमार क्षत्रिय, सह जिला कार्यवाह सुनील यदु, जिला सह संपर्क प्रमुख दीनबंधु सिन्हा, जिला व्यवस्था प्रमुख योगेंद्र साहू, सह जिला व्यवस्था प्रमुख राकेश जाधव, राधेश्याम साहू, गोकुल देवांगन (नगरी), नगर सह कार्यवाह रवि शर्मा, चंद्रशेखर चौबे, सनत शर्मा, तिहारू सिन्हा, तरुण भांडे, बसंत गजेंद्र, विनोद पांडे, विजय ठाकुर, रोहिताश मिश्रा, शैलेश चंद्राकर, विजय नामदेव, योगेश साहू, राजू सोनकर, प्रतिमा देवांगन, दिनेश्वरी नेताम, महेंद्र नेताम, मोतीलाल दिवाकर, डॉ. अजय साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। यह जानकारी नगर प्रचार प्रमुख उमेश सिंह बशिस्ट ने दी है।