कुश अग्रवाल- बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में बहुचर्चित हनी ट्रैप/सेक्स स्कैंडल मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मंडल अध्यक्ष संकेत शुक्ला की जमानत याचिका को मंगलवार को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि, संकेत शुक्ला पर आरोप है कि वे इस गिरोह से जुड़े मामलों में पीड़ितों और आरोपियों के बीच लेन-देन करने वाले की भूमिका निभा रहे थे। लाखों रुपये के कथित लेन- देन में उनका नाम शुरू से ही सामने आ रहा था। पुलिस जांच में इस बहुचर्चित हनी ट्रैप प्रकरण में अब तक एक दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
FIR में दर्ज है संकेत शुक्ला का नाम
मामले में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, वकील, पत्रकार और कई व्यवसायियों के नाम भी सामने आए थे। पूर्व विधायक प्रतिनिधि सहित शहर के अन्य चर्चित नामों की भी चर्चा रही। इस प्रकरण से जुड़ी कई महिलाओं की गिरफ्तारी भी की गई। पूरे मामले में बलौदा बाजार सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 261 दर्ज है, जिसमें संकेत शुक्ला का नाम भी शामिल है। वे एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के पदाधिकारी भी रह चुके हैं।

राजनीतिक प्रभाव के कारण कार्रवाई में देरी के आरोप
इस बीच, तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद संकेत शुक्ला की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसे लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि, राजनीतिक प्रभाव के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से इस संबंध में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस कार्रवाई पर सभी की नजर
अब देखना यह होगा कि, बलौदाबाजार पुलिस और साइबर सेल इस संवेदनशील और बहुचर्चित मामले में फरार आरोपी को कब तक गिरफ्तार कर पाती है। मामले की अगली सुनवाई और पुलिस कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी है।







