Bihar Student Credit Card New Rules: बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाले 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया है। जांच के दौरान यह पाया गया कि कई निजी संस्थानों और बिचौलियों ने छात्रवृत्ति के नाम पर बड़ी संख्या में फर्जी या संदिग्ध आवेदन जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों (DRCC) पर जमा कराए थे।
इस गड़बड़ी के कारण वास्तविक और जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को ऋण मिलने में काफी देरी हो रही थी। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया को पहले से अधिक कड़ा कर दिया है।
ये तीन दस्तावेज देना अब अनिवार्य
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब आवेदकों को तीन अतिरिक्त कागजात जमा करने होंगे:
- सबसे पहले, छात्र-छात्राओं को एक 'स्व-घोषणा पत्र' (Self-Declaration) देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि वे पढ़ाई पूरी होने के बाद नियमानुसार ऋण की राशि वापस करेंगे।
- दूसरा, जिस विश्वविद्यालय या कॉलेज में छात्र का नामांकन हुआ है, वहां की 'एडमिशन स्लिप' देना आवश्यक है।
- तीसरा महत्वपूर्ण दस्तावेज 'पंजीकरण रसीद' (Registration Slip) है। ये दस्तावेज आवेदन के सत्यापन या एग्रीमेंट के समय हर हाल में उपलब्ध कराने होंगे।
कॉलेजों के चक्कर काट रहे छात्र
अचानक नियमों में हुए इस बदलाव से छात्र-छात्राओं की परेशानी थोड़ी बढ़ गई है। नए दस्तावेजों को जुटाने के लिए विद्यार्थी अब कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। डीआरसीसी (DRCC) के सहायक प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया कि सरकार से प्राप्त निर्देशों के आधार पर ही अब आवेदकों से ये कागजात मांगे जा रहे हैं।
बिना इन दस्तावेजों के ऋण की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से केवल पात्र छात्रों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा और सरकारी धन का दुरुपयोग रुकेगा।
क्या है स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना?
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से उच्च शिक्षा (जैसे बीटेक, एमबीबीएस, बीए, आदि) के लिए छात्रों को 4 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन दिया जाता है। इस ऋण की खास बात यह है कि इसे पढ़ाई पूरी होने और रोजगार मिलने के बाद आसान किस्तों में वापस करना होता है।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है, ताकि धन के अभाव में उनकी पढ़ाई न छूटे।