Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस की कार्यशैली पर पॉक्सो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में जांच में देरी और लापरवाही बरतने पर कोर्ट ने बोचहां थानाध्यक्ष (SHO) पर आर्थिक जुर्माना लगाया है। साथ ही कई अन्य मामलों में गिरफ्तारी न होने पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। कोर्ट के इस कड़े फैसले से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
थानेदार के वेतन से कटेगी जुर्माने की राशि
मुजफ्फरपुर के विशेष पॉक्सो कोर्ट-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्र ने सोमवार को बोचहां थानाध्यक्ष के खिलाफ बड़ा आदेश सुनाया। कोर्ट ने एक किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के प्रयास के मामले में समय पर जांच पूरी न करने पर थानाध्यक्ष के वेतन से पांच हजार रुपये काटने का निर्देश दिया है। जुर्माने की यह राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कोष में जमा की जाएगी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी पुलिस की ऐसी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
तीन साल बाद भी अधूरी रही जांच
यह मामला 26 मई 2023 का है, जब एक नाबालिग के पिता ने बोचहां थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि मो. सईद सहित सात लोगों ने किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था।
घटना के लगभग तीन साल बीतने को हैं, लेकिन पुलिस अब तक अपनी जांच पूरी नहीं कर सकी है। पुलिस की इसी सुस्ती पर न्यायालय ने गंभीर चिंता जताई और इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना।
फरार आरोपियों पर जवाब-तलब
जुर्माने के अलावा, कोर्ट ने बोचहां थानाध्यक्ष से एक अन्य मामले में भी स्पष्टीकरण (शोकॉज) मांगा है। साल 2019 में दर्ज हुए एक अपहरण और मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
इस केस में 2020 में चार्जशीट तो दाखिल हुई, लेकिन 11 आरोपियों में से केवल दो ही कोर्ट में उपस्थित हो रहे हैं। कोर्ट ने पूछा है कि बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं?
मीनापुर पुलिस को भी कोर्ट की फटकार
कोर्ट की सख्ती केवल बोचहां तक सीमित नहीं रही। मीनापुर थानाध्यक्ष से भी एक 17 वर्षीय किशोरी के अपहरण मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। मार्च 2024 में दर्ज हुई इस एफआईआर में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कोर्ट के इन बैक-टू-बैक आदेशों के बाद मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी थानों को लंबित मामलों के अनुसंधान में तेजी लाने और जल्द से जल्द केस डिस्पोजल करने का निर्देश दिया है।










