Aurangabad News: बिहार के औरंगाबाद जिले में अंचल अधिकारियों (CO) की सामूहिक हड़ताल के कारण ठप पड़े राजस्व कार्यों को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देशों के आलोक में जिले के छह राजस्व पदाधिकारियों को अतिरिक्त अंचलों का पूर्ण प्रभार सौंप दिया है।
यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि आम जनता को दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य भूमि संबंधी कार्यों के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दी गई है।
इन अधिकारियों को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मदनपुर के अंचल अधिकारी मो. अकबर हुसैन को अब औरंगाबाद सदर और कुटुंबा अंचल की भी जिम्मेदारी देखनी होगी। इसी प्रकार, रफीगंज के राजस्व अधिकारी मो. सलाह असमर को गोह अंचल का प्रभार दिया गया है, जबकि बारुण के राजस्व अधिकारी विवेक कुमार राज को ओबरा अंचल का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।
इसके अलावा, सदर प्रखंड के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नीलकुसुम कुमार सिन्हा को दाउदनगर और हसपुरा अंचल का जिम्मा मिला है। देव अंचल का प्रभार सीमा रंजन को और नबीनगर अंचल की जिम्मेदारी सुचिता कुमारी को सौंपी गई है।
मिलेगी पूर्ण वित्तीय शक्ति, कार्यों में नहीं आएगी बाधा
डीएम के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को संबंधित अंचलों का संपूर्ण प्रभार निवर्तमान प्रभारी अधिकारियों (जैसे बीडीओ या बीपीआरओ) से प्राप्त करना होगा। शासन ने इन अधिकारियों को पूर्ण वित्तीय शक्तियां भी प्रदान की हैं, जिससे वेतन भुगतान और अन्य सरकारी खर्चों में कोई रुकावट न आए।
जिलाधिकारी ने यह भी साफ कर दिया है कि पुराने आदेशों को इस नए संशोधन के तहत ही मान्य माना जाएगा, ताकि राजस्व प्रशासन की निरंतरता बनी रहे।
लंबित मामलों का जल्द होगा निपटारा
सदर अंचल का पदभार ग्रहण करने के बाद सीओ अकबर हुसैन ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं। उन्होंने बताया कि अंचल में लंबित पड़े दाखिल-खारिज (Mutation) और परिमार्जन प्लस के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाएगा। हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए उन्होंने कहा कि जो राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर नहीं हैं, उन्हें अतिरिक्त पंचायतों का प्रभार दिया जाएगा ताकि ग्रामीण स्तर पर सरकारी काम प्रभावित न हों।










