Smriti Mandha Barbie Doll: स्मृति मंधाना बनीं दुनिया की पहली क्रिकेटर, जिन्हें मिला अपना बार्बी डॉल। महिला दिवस 2026 से पहले मैटल ने ‘ड्रीम टीम’ में किया शामिल। यह सम्मान पहचान से ज्यादा, लड़कियों के लिए प्रेरणा और प्रतिनिधित्व का संदेश है।

Smriti Mandha Barbie Doll: क्रिकेट की दुनिया में शतक पर शतक लगाने वाली स्मृति मंधाना ने अब एक और इतिहास रच दिया। वह दुनिया की पहली क्रिकेटर बन गई हैं, जिन्हें अपना खुद का ‘बार्बी’ डॉल मिला है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 से पहले मैटल के 'ड्रीम टीम' अभियान के तहत यह खास सम्मान उन्हें दिया गया।

अब तक बार्बी को अक्सर राजकुमारी या ग्लैमरस किरदार के रूप में देखा जाता था। लेकिन वक्त बदला है। बार्बी ब्रांड अब असली दुनिया की उन महिलाओं को सामने ला रहा है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में नई मिसालें कायम की हैं। स्मृति मंधाना इसी बदलाव की नई पहचान हैं, जहां खूबसूरती से ज्यादा मेहनत, जुनून और उपलब्धियां मायने रखती हैं।

स्मृति का बॉर्बी डॉल अवतार
स्मृति का यह डॉल उनके मैदान वाले अंदाज को दिखाता है- आत्मविश्वास, स्टाइल और आक्रामक खेल। वह भारत की पहली महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने टी20, टेस्ट और वनडे, तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। यही उपलब्धि उन्हें इस खास सूची में अलग खड़ा करती।

लड़कियों को मिलेगी प्रेरणा: मंधाना
स्मृति ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि यह सम्मान सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए है जो बड़े सपने देखती हैं। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है। अगर मेरी कहानी से एक भी लड़की को यह विश्वास मिले कि वह मैदान पर अपनी जगह बना सकती है, तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत होगी।'

दरअसल, इस पहल का मकसद सिर्फ डॉल लॉन्च करना नहीं है, बल्कि रोल मॉडल को बच्चों के करीब लाना है। ताकि जब बच्चियां खिलौनों से खेलें, तो उन्हें लगे कि उनके सपने भी सच हो सकते हैं।

इस साल की ‘ग्लोबल बार्बी ड्रीम टीम’ में कई बड़ी हस्तियां शामिल हैं। टेनिस दिग्गज सेरेना विलियम्स, अमेरिकी रिसर्च एस्ट्रोनॉट केली जेरार्डी, मैक्सिको की रेस कार ड्राइवर रेजिना सिरवेंट अल्वाराडो, इंग्लैंड की फुटबॉलर क्लो केली, जर्मनी की पॉप स्टार हेलेन फिशर, पोलैंड की पर्वतारोही जोया स्कुबिस, और ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज सर्फर स्टेफनी गिलमोर भी इस सूची का हिस्सा हैं।

मैटल के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ बार्बी, नाथन बेनार्ड ने कहा, 'बार्बी हमेशा इस सोच को बढ़ावा देती रही है कि लड़कियां कुछ भी बन सकती हैं। एस्ट्रोनॉट से लेकर सीईओ तक, अब समय है कि असली जीवन की नायिकाएं भी बच्चों के सपनों का हिस्सा बनें।'

आज भारत की लाखों बच्चियों के लिए एक बार्बी ऐसी है, जो बिल्कुल स्मृति मंधाना जैसी दिखती है- बल्ला थामे, आत्मविश्वास से भरी और सपनों को सच करने के लिए तैयार।