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basit ali statement: पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने पर बासित अली ने चयनकर्ताओं और कोच पर जमकर हमला बोला। बाबर आजम की भूमिका और अबरार अहमद की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए।

Basit Ali statement: पाकिस्तान के वर्ल्ड कप से बाहर होते ही पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने अपने यूट्यूब चैनल पर जमकर भड़ास निकाली। टीम के बाहर होने तक वो अपना पोस्टमार्टम शुरू कर चुके थे। निशाने पर चयनकर्ता, कोचिंग स्टाफ, टीवी पर बैठे पूर्व खिलाड़ी और पूरा क्रिकेट कल्चर रहा। 

बासित अली ने साफ कहा, 'मुझे कोई पछतावा नहीं है और शर्माने की भी जरूरत नहीं।' लेकिन आंकड़े उनके पास थे। साहिबजादा फरहान और फखर जमान के बीच 176 रन की साझेदारी ने पाकिस्तान को मजबूत स्थिति में ला दिया था। बासित ने फरहान को टूर्नामेंट का पाकिस्तान का हीरो बताया। लेकिन फिर पांच ओवर में आठ विकेट और सिर्फ 49 रन। कहानी वहीं खत्म।

टीम ने खराब बल्लेबाजी की: बासित
उन्होंने कहा, 'जरा सोचिए, अगर आखिरी ओवरों में 36 की जगह 65 रन बन जाते तो पाकिस्तान सेमीफाइनल से बाहर नहीं होता।' हालांकि उन्होंने ये भी माना कि न्यूजीलैंड बेहतर टीम थी और सेमीफाइनल की ज्यादा हकदार थी। उन्होंने ज्यादा मेहनत की, उनका माइंडसेट मजबूत था।'

बाबर आजम पर भी हमला बोला
सबसे तीखा हमला बाबर आजम के इस्तेमाल पर रहा। बासित ने आरोप लगाया कि हेड कोच माइक हेसन ने बाबर को सार्वजनिक तौर पर कमजोर किया। बासित ने कहा, 'वो खुलेआम कह रहे हैं कि बाबर में पावरप्ले में इंटेंट नहीं है, स्ट्राइक रेट कम है। अगर वो दस ओवर धीमा खेलता है तो फिर उसे टीम में चुना ही क्यों गया? किसने चुना? और कोच से जवाब कौन मांगेगा?'

बाबर को नंबर चार पर खिलाना भी उन्हें गलत लगा। उन्होंने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, बाबर को नंबर चार पर मत खिलाओ। वो जगह उसके लिए नहीं है। अगर उसे नंबर तीन पर भी भरोसे से नहीं उतार सकते तो फिर इरादे ठीक नहीं थे।

उस्मान खान का जिक्र भी आया। भारत के खिलाफ 20-22 गेंद में 44 रन ठोकने के बाद उन्हें नीचे खिसका दिया गया। वो फेवरेट नहीं है, सच्चाई यही है। 

अबरार अहमद की गैरमौजूदगी भी उनके गुस्से का कारण रही। बासित ने कहा, 'इंग्लैंड के खिलाफ हम हारे, अबरार नहीं थे। आज उस्मान तारिक पिटे लेकिन अबरार चाहिए था। मैं हर चीज नोट करता हूं, पन्ने भर जाएंगे।

टीवी पर बैठे पूर्व खिलाड़ियों पर भी उन्होंने तंज कसा। कहा, 'देश के लिए खेल चुके हो, कम से कम सही सलाह तो दो। शादाब खान को कप्तान बनाने की बात कर रहे हो, थोड़ी शर्म करो।'

बासित का बड़ा आरोप था कि ये टीम राष्ट्रीय टीम से ज्यादा फ्रेंचाइजी टीम लग रही थी। जब कोच टीम चयन में दखल देगा तो यही होगा। इसे पाकिस्तान की टीम मत कहो, इसे माइक हेसन की टीम कहो।

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