Rules Change From March 1: फरवरी का महीना खत्म हो रहा है और मार्च की पहली तारीख से देश भर में कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। कई क्षेत्रों में नए नियम भी लागू होने वाले हैं जिससे आम आदमी की जेब और जिंदगी दोनों पर असर पड़ेगा। महीने की पहली तारीख को देखते हुए कई नीतिगत और प्रशानिक परिवर्तन किए गए हैं। इस खबर में सभी बदलावों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
रेलवे का पुराना ऐप बंद
मार्च महीने की पहली तारीख से रेलवे का पुराना यूटीस ऐप बंद हो जाएगा। इस तरह यात्री इस ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। रेलवे ने यूटीस ऐप की जगह रेल वन ऐप (RailOne app) बनाया है। 1 मार्च से अनारक्षित सीट, जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग भी इसी ऐप के जरिए होगी। इसलिए अगर आपने अब तक नया ऐप डाउनलोड नहीं किया है तो 1 मार्च से पहले इसे डाउनलोड कर लें।
WhatsApp का सिम बाइंडिंग फीचर
एक मार्च से भारत में मैसेजिंग ऐप्स के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार साइबर फ्रॉड को कम करने और ऑनलाइन सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल नियमों को सख्त कर रही है। WhatsApp भारतीय यूजर्स के लिए एक नया वेरिफिकेशन स्टेप लाने की तैयारी कर रहा है। यह बदलाव नई टेलीकॉम सिक्योरिटी गाइडलाइंस से जुड़ा है। यूजर्स को बिना किसी रुकावट के ऐप का इस्तेमाल जारी रखने के लिए अपना रजिस्टर्ड SIM कार्ड अपने फोन में रखना पड़ेगा। केंद्र सरकार द्वारा साफ कर दिया गया है कि, सिम बाइंडिंग नियम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
एलपीजी और CNG-PNG के दाम में बदलाव
एलपीजी के दाम में एक मार्च से कोई बड़ा बदलाव होगा या नहीं अभी यह साफ नहीं है लेकिन आमतौर पर महीने की पहली तारीख को कीमत में बदलाव किए जाते है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑइल कंपनियां एक मार्च को सिलेंडर की संशोधित कीमत जारी करेंगी। ऑइल कंपनियां एक मार्च को CNG-PNG के नए दाम भी लागू कर सकती हैं।
एवरेज मंथली बैलेंस सिस्टम
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ सरकारी बैंक एवरेज मंथली बैलेंस सिस्टम लागू कर सकती हैं। दरअसल बैंक किसी एक दिन बैलेंस कम होने प[पर पेनाल्टी काटती हैं लेकिन नए नियम के लागू होने से एवरेज मंथली बैलेंस के आधार पर शुल्क काटा जाएगा। इस तरह अब पूरे महीने का औसत बैलेंस जरूरी होगा।
ट्रांजेक्शन के लिए UPI पर्याप्त नहीं
डिजिटल भुगतान के लिए एक मार्च से नए नियम लागू होने वाले हैं। 1 मार्च से ट्रांजैक्शन के लिए UPI पिन ही पर्याप्त नहीं होगा। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी किया जा सकता है। इसका मकसद ऑनलाइन फ्रॉड को कम करना है।