राज्य के बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला लिया है।

बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्य के बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला लिया है। अब बिहार में अलग से TET का आयोजन नहीं होगा।

अब तक यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से कराई जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसका आयोजन नियमित नहीं हो रहा था। अब विभाग ने इसे औपचारिक रूप से खत्म करने का निर्णय ले लिया है।

अब किस परीक्षा से होगी भर्ती?
TET खत्म होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिक्षक भर्ती किस परीक्षा के आधार पर होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित Central Teacher Eligibility Test (CTET) में क्वालीफाई अभ्यर्थी ही बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे।

किस क्लास के लिए कौन-सा पेपर जरूरी?

  1. प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5): CTET पेपर-1 पास होना अनिवार्य
  2. च्च प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 6 से 8): CTET पेपर-2 क्वालीफाई करना जरूरी

यानि अब बिहार में शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को केंद्रीय स्तर पर आयोजित CTET परीक्षा पास करनी होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?
शिक्षा विभाग के अनुसार, CTET का आयोजन हर वर्ष केंद्र स्तर पर नियमित रूप से किया जा रहा है और इससे पर्याप्त संख्या में योग्य अभ्यर्थी मिल रहे हैं। ऐसे में राज्य स्तर पर अलग से TET आयोजित करने की आवश्यकता नहीं समझी गई।

इस फैसले के बाद अब बिहार के युवाओं को अपनी तैयारी CTET के अनुसार करनी होगी। यह बदलाव भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने और एक समान मानक लागू करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
जो उम्मीदवार बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, वे अब CTET परीक्षा पर फोकस करें। सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और क्वालीफाइंग मार्क्स को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाना जरूरी होगा।