30 March 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 30 मार्च 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
आज के दिन सोम प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। साथ ही, अनंग त्रयोदशी व्रत भी इसी दिन किया जाएगा, जो दांपत्य जीवन में सुख और प्रेम बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
नक्षत्र और तिथि का महत्व
30 मार्च को मघा नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। मघा नक्षत्र पितरों से जुड़ा माना जाता है और इस समय किए गए धार्मिक कार्यों से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ होगा, जो आनंद और उत्सव का प्रतीक है।
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:01 से 05:47 तक
- प्रातः संध्या: सुबह 05:24 से 06:34 तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:18 से 01:08 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:51 से 07:14 तक
- सायाह्न संध्या: शाम 06:52 से 08:02 तक
सोम प्रदोष व्रत पूजा का विशेष समय
शाम 06:38 से 08:57 तक पूजा करना अत्यंत शुभ रहेगा। इस दौरान भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और मंत्र जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
राहुकाल का समय
- दिल्ली: सुबह 07:47 से 09:20 तक
- मुंबई: सुबह 08:07 से 09:39 तक
- चंडीगढ़: सुबह 07:48 से 09:21 तक
- लखनऊ: सुबह 07:33 से 09:06 तक
- भोपाल: सुबह 07:47 से 09:20 तक
- कोलकाता: सुबह 07:04 से 08:36 तक
- अहमदाबाद: सुबह 08:07 से 09:39 तक
- चेन्नई: सुबह 07:38 से 09:10 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:14 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:37 बजे
धार्मिक महत्व
सोम प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं अनंग त्रयोदशी व्रत विशेष रूप से दांपत्य सुख और प्रेम संबंधों को मजबूत करने के लिए किया जाता है। इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
30 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और फलदायी है। त्रयोदशी तिथि, मघा नक्षत्र और सोम प्रदोष व्रत का संयोग इसे और भी विशेष बना रहा है। ऐसे में इस दिन पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है।