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3 March 2026 Ka Panchang: यहां पढ़ें मंगलवार (3 मार्च 2026) फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, तिथि शुभ योग; नक्षत्र और राहुकाल।

3 March 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 3 मार्च 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है, जो शाम 5 बजकर 07 मिनट तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।

तिथि
पूर्णिमा – सायं 05:07 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय – प्रातः 06:45 बजे
  • सूर्यास्त – सायं 06:23 बजे

चंद्रोदय और चंद्रास्त

  • चंद्रोदय – सायं 06:22 बजे
  • चंद्रास्त – नहीं (आज चंद्रास्त नहीं होगा)

नक्षत्र
मघा नक्षत्र – प्रातः 07:31 बजे तक, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ

करण

  • बव – सायं 05:07 बजे तक
  • बालव – 04 मार्च प्रातः 04:54 बजे तक

योग
सुकर्मा योग – प्रातः 10:25 बजे तक

पक्ष
शुक्ल पक्ष

वार
मंगलवार

हिन्दू संवत विवरण

  • शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
  • विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
  • गुजराती संवत – 2082 (पिङ्गल)
  • चंद्र मास – फाल्गुन (पूर्णिमांत एवं अमांत दोनों परंपराओं के अनुसार)

आज के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 05:06 से 05:56 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:11 से 12:57 बजे तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02:30 से 03:17 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त – सायं 06:21 से 06:45 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त – 04 मार्च रात्रि 12:09 से 12:58 बजे तक
  • अमृत काल – 04 मार्च प्रातः 01:13 से 02:49 बजे तक

आज के अशुभ मुहूर्त

  • दुर्मुहूर्त – प्रातः 09:05 से 09:51 बजे तक तथा रात्रि 11:19 से 04 मार्च 12:09 बजे तक
  • राहुकाल – दोपहर 03:28 से 04:56 बजे तक
  • यमगण्ड – प्रातः 09:40 से 11:07 बजे तक
  • गुलिक काल – दोपहर 12:34 से 02:01 बजे तक

चंद्र ग्रहण का प्रभाव
आज वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और देव प्रतिमाओं को स्पर्श नहीं किया जाता। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। ग्रहण के दौरान मंत्र जाप, ध्यान और आध्यात्मिक साधना करना शुभ माना जाता है, जबकि विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार आरंभ या अन्य मांगलिक कार्य टालने चाहिए।

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