15:59 PM(3 hours ago )
ईरानी सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी ने कहा कि ईरान ने मौजूदा संघर्ष की शुरुआत नहीं की, लेकिन उसे काफी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें आम नागरिकों की मौतें, घरों और बुनियादी ढांचे को पहुंचा नुकसान शामिल है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी भविष्य की बातचीत में मुआवजा, होरमुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण और सभी प्रतिबंध हटाने जैसे मुद्दों को शामिल किया जाना चाहिए।
15:57 PM(3 hours ago )
मध्य-पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान टकराव के बीच कूटनीतिक कोशिशें तेज हैं, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस्लामाबाद में मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक में युद्ध खत्म करने के लिए रास्ता निकालने की कोशिश की गई, हालांकि कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
अमेरिका की ओर से पाकिस्तान के जरिए भेजे गए 15 सूत्रीय प्रस्ताव को ईरान पहले ही खारिज कर चुका है। वहीं, ईरान ने भी अपना 5 सूत्रीय प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें हमले रोकने, भविष्य की सुरक्षा गारंटी और होरमुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इधर सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त मरीन और पैराट्रूपर्स तैनात किए हैं, जबकि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पहली बार सीधे युद्ध में उतरते हुए इज़रायल के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं।
अमेरिका का कहना है कि वह बिना जमीनी सेना उतारे भी अपने लक्ष्य हासिल कर सकता है, लेकिन इस युद्ध को लेकर घरेलू स्तर पर विरोध बढ़ता जा रहा है। कुल मिलाकर, बातचीत और हमलों के बीच फंसा यह संघर्ष फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।