Lucknow Lokbandhu Hospital Fire: उत्तर प्रदेश (UP) की राजधानी लखनऊ से बड़ी खबर है। सरकारी लोकबंधु अस्पताल में सोमवार (14 अप्रैल) की रात भीषण आग लग गई। सेकेंड फ्लोर पर भड़क आग तेजी से फैलती चली गई। आग से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल की बिजली काटी गई। ऑक्सीजन सप्लाई बंद की गई। आनन-फानन में 200 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। ICU में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
भड़की आग...मरीज को लेकर भागे लोग
लखनऊ के लोकबंधु सरकारी अस्पताल के सेकेंड फ्लोर पर बने महिला वार्ड और आईसीयू में आग लगी। कुछ ही देर में चारों तरफ धुआं-धुआं भर गया। आग ज्यादा बढ़ी तो मरीज भागने लगे। लोग बीमार बच्चों को लेकर अस्पताल से बाहर की तरफ दौड़े। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड टीम पहुंची।
फायर ब्रिगेड टीम ने बचाई जान
आग फैलने से रोकने के लिए अस्पताल की बिजली काट दी गई। फायर ब्रिगेड टीम कांच तोड़कर अंदर घुसी। मुंह पर कपड़ा बांधकर कर्मचारी वार्ड में घुसे। कड़ी मशक्कत कर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ लोगों को सीढ़ियों से बाहर निकाला। कुछ को रस्सी की मदद से निकाला। लोगों को बाहर निकालने के बाद आग पर काबू पाया।
लखनऊ फायर ब्रिगेड के सीएफओ मंगेश कुमार ने क्या कहा...वीडियो
एक मरीज की मौत
आग लगने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई। इससे ICU में भर्ती 61 साल के मरीज राजकुमार प्रजापति की मौत हो गई। लोकबंधु अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी का कहना है कि अभी तक की छानबीन में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
CM योगी ने लिया संज्ञान
सीएम योगी ने लोकबंधु अस्पताल में लगी आग लगने की घटना पर संज्ञान लिया। सीएम ने फोन पर अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी लोकबंधु अस्पताल पहुंचे और रेस्क्यू का जायजा लिया। ब्रजेश पाठक ने बताया कि करीब 200 मरीजों को वहां से शिफ्ट किया गया। उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
भयानक मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग भयानक थी। आग की लपटें और धुआं बढ़ता देखकर लोग और मरीज भागने लगे। चारों तरफ चीख सुनाई दे रही थीं। खौफनाक मंजर था। अंदर पूरा अंधेरा हो गया था, कुछ समझ नहीं आ रहा था। लोगों ने भाग-दौड़कर अपनी जान बचाई।
इन अस्पतालों में मरीज शिफ्ट
अधिकारियों ने बताया नवजात गहन देखभाल इकाई (NICU) से नवजात बच्चों और आईसीयू के मरीजों को लोहिया अस्पताल, सिविल अस्पताल, केजीएमयू भेजा है। गर्भवती महिलाओं को हजरतगंज के झलकारी बाई और क्वीन मैरी भेजा है। फिलहाल अस्पताल में कोई मरीज नहीं है। पूरा अस्पताल खाली है।