जबलपुर। सिहोरा में हुए आरती अजान विवाद के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है। पुलिस द्वारा इस मामले में पांच एफआईआर दर्ज की गई है और 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विवाद के बाद यहां कर्फ्यू जैसे हालात हो गए थे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर एफआईआर की गई है। पुलिस ने इन्हीं एफआईआर के आधार पर लोगों को गिरफ्तार किया है। शांति बरकरार रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में गश्त दी जा रही है। विवाद से जुड़े कई वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस और आरोपियों को पहचानने की कोशिश कर रही है।
कलेक्टर और एसपी ने किया दौरा
जिस रात यह घटना हुई थी तभी पुलिस ने 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद 10 से 12 लोगों को गिरफ्तार किया। कलेक्टर और एसपी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। दोनों ने संवेदनशील इलाके में पहुंचकर हालात भी जानें।
बाजार सामान्य की तरह खुले
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। शनिवार को बाजार सामान्य की तरह खुले और लोग अपने-अपने काम पर जाते दिखे। इसके पहले यहां दुकानें बंद थी और सड़कें सूनी।
क्या है सिहोरा का आरती-अजान विवाद
मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि, मंदिर में हर रोज की तरह आरती हो रही थी तभी मस्जिद से 50 से 70 लोगों की भीड़ आई और मंदिर के सामने खड़े होकर गालीगलौज करने लगे। जब उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो उन लोगों ने हमला कर दिया। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने तो मंदिर के अंदर घुसने का भी प्रयास किया।
20 से 25 मिनट तक हुआ पथराव
लोगों ने बताया था कि, विवाद के बाद जब वे घर जा रहे थे तभी मस्जिद के ऊपर से पथराव शुरू हो गया। करीब 20 से 25 मिनट तक पथराव चला। इस पथराव के चलते मंदिर का शीशा टूटा और कुछ लोग घायल भी हो गए।
अगले दिन हिन्दू संगठनों ने थाने का घेराव किया। शुक्रवार को भी यहां तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हिन्दू संगठनों की मांग थी कि, 24 घंटे के अंदर मस्जिद को तोड़ दिया जाए। अपनी मांगों को लेकर थाने पहुंचे लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया था।